Dehradun police raid on PG hostels को लेकर राजधानी में हड़कंप मच गया है। शिक्षण संस्थानों के गढ़ माने जाने वाले प्रेमनगर क्षेत्र में पढ़ाई की आड़ में हुड़दंग, नशाखोरी और आपराधिक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए दून पुलिस ने देर रात विशेष आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया। एसएसपी देहरादून के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस की संयुक्त टीमों ने प्रेमनगर के कई हॉस्टलों और पेइंग गेस्ट (PG) परिसरों में दबिश दी।
इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान चार बड़े हॉस्टलों में नियमों का गंभीर उल्लंघन और प्रशासनिक अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर पुलिस ने संबंधित संचालकों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही देर रात सड़कों और संवेदनशील इलाकों में बेवजह घूमते पाए गए चार संदिग्ध युवकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
Action Plan: Dehradun police raid on PG hostels के तहत आधी रात को छापेमारी
राजधानी के प्रेमनगर क्षेत्र में कई निजी विश्वविद्यालय और कॉलेज संचालित हैं, जहां देश-विदेश से हजारों छात्र-छात्राएं हॉस्टलों और पीजी में रहते हैं। पिछले कुछ समय से स्थानीय निवासियों द्वारा देर रात नशे में हुड़दंग, तेज रफ्तार ड्राइविंग और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें पुलिस को मिल रही थीं।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसपी सिटी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस की कई अलग-अलग टीमें गठित की गईं। रात लगभग 11 बजे शुरू हुए इस विशेष ऑपरेशन के दौरान पुलिस बलों ने प्रेमनगर के प्रमुख रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में बने बालक और बालिका छात्रावासों की गहन तलाशी ली। चेकिंग के दौरान रजिस्टरों की जांच, आने-जाने का समय और वहां रह रहे छात्रों के रिकॉर्ड का मिलान किया गया।
Strict Guidelines: Dehradun police raid on PG hostels में संचालकों के लिए निर्देश
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने सभी हॉस्टल और पीजी संचालकों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस द्वारा तय किए गए प्रमुख सुरक्षा मानक:
- 100% पुलिस सत्यापन: हॉस्टल और पीजी में रहने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा, वार्डन, रसोइया और सफाई कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत पुलिस वेरिफिकेशन कराया जाए।
- CCTV सर्विलांस: परिसर के मुख्य द्वार, लॉबी, पार्किंग और बाहरी रास्तों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रहने चाहिए, जिनकी फुटेज का बैकअप सुरक्षित रखा जाए।
- समय सीमा का पालन: रात 10 बजे के बाद किसी भी छात्र के बाहर रहने पर रोक लगाने और परिसर में प्रवेश की सख्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- आगंतुक रजिस्टर (Visitor Log): हॉस्टल में आने-जाने वाले बाहरी व्यक्तियों की पूरी जांच, पहचान पत्र और रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज करने के बाद ही अनुमति दी जाए।
Legal Action: Dehradun police raid on PG hostels में मिली खामियों पर नोटिस
जांच के दौरान चार प्रमुख हॉस्टलों में सुरक्षा नियमों की खुली अनदेखी पाई गई। इन प्रतिष्ठानों में न तो छात्रों का पूरा सत्यापन कराया गया था और न ही प्रवेश व निकास का उचित रिकॉर्ड रखा जा रहा था। पुलिस ने इन चारों हॉस्टल संचालकों को नोटिस थमाते हुए एक तय समय सीमा के भीतर सभी कमियों को दूर करने की सख्त चेतावनी दी है।
इसके अलावा, चेकिंग के दौरान प्रेमनगर इलाके में आधी रात को बिना किसी वैध कारण के घूम रहे चार संदिग्ध युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्राथमिक जांच में ये युवक देर रात बाहर घूमने का कोई ठोस कारण नहीं बता सके। पुलिस इन सभी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और उनके परिजनों को भी सूचना दी गई है।
Officer Statement: नशाखोरी और हुड़दंग पर एसपी सिटी की दो टूक
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि देहरादून एक शांत और प्रतिष्ठित शैक्षणिक केंद्र है। पढ़ाई के नाम पर शहर की शांति भंग करने, नशीले पदार्थों की तस्करी या सेवन और किसी भी तरह की गुंडागर्दी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
”यदि किसी भी हॉस्टल या पीजी में नशाखोरी, अवैध गतिविधि या कानून तोड़ने की घटना पाई जाती है, तो केवल दोषी छात्र ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले हॉस्टल संचालक के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (BNS) और संबंधित धाराओं में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
— प्रमोद कुमार, एसपी सिटी देहरादून
दून पुलिस ने स्थानीय जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी पीजी या हॉस्टल में असामाजिक या संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दें। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि Dehradun police raid on PG hostels जैसा यह विशेष चेकिंग अभियान आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों जैसे राजपुर, क्लेमेंटाउन और सेलाकुई में भी लगातार जारी रहेगा।
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