Asian Open Short Track Speed Skating Trophy 2026 का भव्य आगाज सोमवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित हिमाद्री आइस रिंक में हुआ। खेल जगत में उत्तराखंड के बढ़ते कदमों की गवाही देते हुए इस अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप का विधिवत उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। चार दिवसीय इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एशिया और दुनिया के 14 देशों से 270 से अधिक शीर्ष स्केटर अपनी रफ्तार और संतुलन का दम दिखाने पहुंचे हैं। 17 अगस्त से 20 अगस्त तक चलने वाली इस प्रतियोगिता के माध्यम से देहरादून वैश्विक शीतकालीन खेल मानचित्र पर मजबूती से उभर रहा है।
बर्फ की सफेद चादर पर बिजली जैसी रफ्तार के साथ खिलाड़ियों ने अभ्यास सत्र के बाद मुख्य मुकाबलों में उतरने की पूरी तैयारी कर ली है। इस आयोजन में 102 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कोच, रेफरी और तकनीकी अधिकारी भी शामिल हैं, जो प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार संचालित कर रहे हैं।
Asian Open Short Track Speed Skating Trophy में 14 देशों के खिलाड़ियों का महाकुंभ
इस वर्ष का Asian Open Short Track Speed Skating Trophy प्रतियोगिता कई मायनों में ऐतिहासिक बन गया है। इसमें भाग लेने वाले देशों की सूची में एशियाई और वैश्विक स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले देश शामिल हैं:
- पूर्वी एवं दक्षिण-पूर्व एशिया: चीन, दक्षिण कोरिया, हांगकांग, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस, सिंगापुर, मलेशिया, चीनी ताइपे और इंडोनेशिया।
- मध्य एशिया एवं ओशिनिया: उज्बेकिस्तान, मंगोलिया और ऑस्ट्रेलिया।
- मेजबान: भारत।
खिलाड़ियों का आधिकारिक अभ्यास सत्र 14 अगस्त से ही शुरू हो गया था। सोमवार सुबह से ही हिमाद्री आइस रिंक में खिलाड़ियों ने अपनी धारदार स्केटिंग ब्लेड्स के साथ जमकर पसीना बहाया। रिंक के तीखे मोड़ों पर संतुलन बनाने और सेकंड के सौवें हिस्से से बढ़त हासिल करने की यह जंग दर्शकों के लिए भी रोमांचक अनुभव लेकर आई है।
’खेलभूमि’ के रूप में उभर रहा उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विदेशी और भारतीय खिलाड़ियों का देवभूमि में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान अब केवल ‘देवभूमि’ और ‘वीरभूमि’ तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य तेजी से एक सशक्त ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार खेल बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए निरंतर काम कर रही है। आधुनिक स्टेडियम, विश्वस्तरीय आइस रिंक और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशने के लिए नीतियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि Asian Open Short Track Speed Skating Trophy जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी से राज्य के युवाओं में शीतकालीन खेलों (Winter Sports) के प्रति आकर्षण और बढ़ेगा।
भारतीय स्केटर्स के लिए वर्ल्ड कप में एंट्री का सुनहरा मौका
इस अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप का सबसे महत्वपूर्ण पहलू भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलने वाला वैश्विक मंच है। Asian Open Short Track Speed Skating Trophy में निर्धारित विश्व कप कट-ऑफ समय हासिल करने वाले भारतीय स्केटर्स को आगामी इंटरनेशनल स्केटिंग यूनियन (ISU) वर्ल्ड कप प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने का सीधा अवसर मिलेगा।
भारत में स्पीड स्केटिंग को पारंपरिक रूप से रोलर स्केटिंग तक सीमित देखा जाता रहा है, लेकिन हिमाद्री आइस रिंक जैसी आधुनिक सुविधाओं के आने से आइस स्पीड स्केटिंग में भारतीय एथलीट वैश्विक मानकों को चुनौती देने लगे हैं। घरेलू परिस्थितियों में विदेशी खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने से भारतीय युवाओं को तकनीकी बारीकियों और मानसिक दबाव को संभालने का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा।
लगातार दूसरी बार मेजबानी: शीतकालीन खेलों का नया केंद्र बना देहरादून
भारत लगातार दूसरी बार Asian Open Short Track Speed Skating Trophy की सफल मेजबानी कर रहा है। देहरादून का हिमाद्री आइस रिंक देश के उन चुनिंदा इनडोर आइस एरिना में शामिल है जो अंतरराष्ट्रीय नियमों और तापमान मानकों को पूरा करते हैं।
17 से 20 अगस्त तक चलने वाले इस खेल उत्सव में 500 मीटर, 1000 मीटर, 1500 मीटर और रिले स्पर्धाओं के फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। बर्फ पर गति, लचीलेपन और रणनीति का यह संगम न केवल एशियाई स्केटिंग महासंघ के विश्वास को पुख्ता करता है, बल्कि आने वाले समय में भारत को बड़े विंटर ओलंपिक क्वालीफायर आयोजनों की दौड़ में भी सबसे आगे खड़ा करता है।
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