Monsoon Alert India के तहत भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए अगले कुछ दिनों का विस्तृत मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार 17 से 22 जुलाई के बीच उत्तर, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं, बिजली गिरने और जलभराव जैसी स्थितियों को देखते हुए लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
राजस्थान में 20 से 22 जुलाई के बीच तेज होगी बारिश की गतिविधियां
राजस्थान में पिछले कुछ दिनों की तुलना में मानसून की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 17 जुलाई से बारिश का दायरा धीरे-धीरे बढ़ना शुरू होगा, जबकि 20 से 22 जुलाई के बीच पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है।
इस दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक वाली बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार होने वाली वर्षा से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी। हालांकि निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर जारी रहने के आसार
Monsoon Alert India के तहत मध्य भारत के लिए भी मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले कई दिनों तक अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 17 से 21 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जिलों में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना भी व्यक्त की गई है। लगातार बारिश के कारण नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में आगामी दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
ओडिशा के कई जिलों में 17 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं बिहार और झारखंड में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा होने पर खेतों में जलभराव किसानों की चिंता बढ़ा सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में लगातार सक्रिय रहेगा मानसून
पूर्वोत्तर भारत में मानसून का प्रभाव पहले से ही मजबूत बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 17 से 22 जुलाई तक व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है।
कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की तैयारियां मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में अभी उमस, सप्ताहांत के बाद राहत मिलने की उम्मीद
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। अगले दो दिनों तक लोगों को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि सप्ताहांत के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी में बारिश की वापसी के साथ वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल सकता है। लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर मानी जा रही है।
भारी बारिश के दौरान इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान
Monsoon Alert India के मद्देनज़र मौसम विभाग ने लोगों को आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है। भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और अनावश्यक यात्रा न करें। बिजली कड़कने के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। यदि किसी क्षेत्र में प्रशासन द्वारा चेतावनी जारी की जाती है तो उसका पालन करें और सुरक्षित स्थान पर रहें।
वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने और जलभराव वाले मार्गों से बचने की सलाह दी गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही सफर शुरू करना चाहिए।
अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से रहेंगे अहम
देशभर में मानसून एक बार फिर सक्रिय चरण में प्रवेश कर चुका है। राजस्थान से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक कई राज्यों में बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन मौसम और आपदा प्रबंधन दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेंगे। मौसम विभाग की ओर से जारी अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखना और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना सभी के लिए जरूरी होगा, ताकि भारी बारिश से होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सके।







