पुणे:
महाराष्ट्र के पुणे में हुए चर्चित रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक नया और बेहद भावुक मोड़ आ गया है। इकलौते बेटे को खो चुकीं मां राखी अग्रवाल ने अब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दरवाजा खटखटाया है। राखी अग्रवाल ने पीएम मोदी को एक बेहद मार्मिक पत्र लिखकर अपने बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाई है।
पत्र में उन्होंने साफ किया है कि वह एक लाचार मां के रूप में कोई सहानुभूति या विशेष रियायत नहीं चाहतीं, बल्कि सिर्फ इतना चाहती हैं कि उनके बेटे के हत्यारों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिले।
”मेरी तो पूरी दुनिया ही चली गई…”
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में राखी अग्रवाल का दर्द साफ झलकता है। उन्होंने अपने बेटे के जाने के बाद घर के खालीपन को बयां करते हुए लिखा:
”मेरे बेटे की बेहद बेरहमी से हत्या कर दी गई और उसके साथ ही मेरी पूरी दुनिया चली गई। आज घर का हर कोना मुझे सिर्फ उसकी याद दिलाता है… उसकी हंसी की जगह जो सन्नाटा पसर गया है, वह मुझे हर दिन यह अहसास कराता है कि मेरा बेटा अब कभी लौटकर नहीं आएगा।”
राखी अग्रवाल ने पत्र में अपने परिवार पर टूटे दुखों के पहाड़ का जिक्र करते हुए बताया कि केतन की मौत के सदमे को उनका परिवार बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है। केतन की हत्या के ठीक 20 दिन बाद उसके दादा (राखी अग्रवाल के ससुर) का भी निधन हो गया। वह अपने जवान पोते को खोने का गम सहन नहीं कर सके। उन्होंने आगे लिखा, “मोदी जी, मैं सिर्फ एक मां हूं। मैं आपसे न कोई सहानुभूति मांग रही हूं और न ही कोई विशेष रियायत। मैं केवल अपने बेटे के लिए न्याय मांग रही हूं।”
’केतन को सिर्फ एक केस फाइल बनकर मत रहने दीजिए’
राखी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले को फास्ट-ट्रैक पर डाला जाए ताकि दोषियों को बिना किसी कानूनी देरी के सजा मिल सके। उन्होंने लिखा कि अक्सर ऐसे मामले फाइलों में दबकर रह जाते हैं, लेकिन वह ऐसा नहीं होने देना चाहतीं।
पत्र में उन्होंने लिखा:
”कृपया केतन को महज एक ‘केस फाइल’ बनकर मत रह जाने दीजिए। वह किसी का बेटा था, किसी का पोता था और किसी का भाई था… लेकिन मेरे लिए वह मेरी पूरी दुनिया था। मैं हर रात अपने बेटे की तस्वीर को देखती हूं और उससे वादा करती हूं कि उसकी मां आज भी उसके हक के लिए लड़ रही है। मुझे पूरी उम्मीद है कि एक दिन मैं उसकी तस्वीर के सामने खड़े होकर कह सकूंगी कि बेटा, तुम्हें न्याय मिल गया।”
क्या है पूरा केतन अग्रवाल हत्याकांड?
यह पूरा मामला 18 जून का है, जब 26 वर्षीय युवा रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की पुणे जिले के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले के पास एक गहरी घाटी में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआत में इस घटना को एक सामान्य हादसा माना जा रहा था और स्थानीय पुलिस ने भी इसे ‘दुर्घटनावश हुई मौत’ (Accidental Death) के रूप में दर्ज किया था।
हालांकि, केतन के परिवार को शुरू से ही इस पर शक था। जब पुलिस ने मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू की, तो जो सच सामने आया उसने सबको चौंका कर रख दिया। यह कोई हादसा नहीं, बल्कि बेहद शातिराना तरीके से रची गई एक खूनी साजिश थी।
मंगेतर ने ही प्रेमी के साथ मिलकर रची थी हत्या की साजिश
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि केतन अग्रवाल की हत्या के पीछे किसी और का नहीं, बल्कि उसकी मंगेतर सिया गोयल का हाथ था। पुलिस के अनुसार, सिया गोयल का चेतन चौधरी नाम के एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। केतन को रास्ते से हटाने के लिए सिया और चेतन ने मिलकर एक खौफनाक योजना बनाई।
• साजिश का जाल: योजना के मुताबिक, सिया केतन को लोहागढ़ किले की सैर पर ले गई।
• खाई में दिया धक्का: वहां पहले से ही चेतन चौधरी मौजूद था। मौका पाकर दोनों ने केतन को चट्टान से नीचे गहरी घाटी में धक्का दे दिया।
• पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्य (कॉल डिटेल्स और चैट्स) और घटना के वक्त मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों को खंगाला, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं।

पुलिस ने ठोस सबूतों के आधार पर केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों पर हत्या और साजिश रचने की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल में बंद हैं।
न्याय की आस में बैठा परिवार
केतन अग्रवाल की मां द्वारा पीएम मोदी को लिखा गया यह पत्र अब सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। एक मां का यह दर्द देश के कानून और न्याय व्यवस्था के सामने एक बड़ी गुहार है। अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) इस पर क्या संज्ञान लेता है और पीड़ित परिवार को कितनी जल्दी न्याय मिल पाता है।










