ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में आयोजित भव्य कार्यक्रम उत्तराखंड की राजनीति के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद पर लगातार पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेशवासियों के सामने CM Dhami 5 Years Report Card प्रस्तुत किया। हजारों लोगों की मौजूदगी, विकास परियोजनाओं की सौगात और सरकार की उपलब्धियों के साथ यह कार्यक्रम केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि आगामी वर्षों के विकास रोडमैप का भी संदेश बनकर सामने आया।
कार्यक्रम “सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” सेवा पखवाड़ा के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार के लिए यह उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और मजबूत करने का समय है।
CM Dhami 5 Years Report Card में विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात
कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून जिले की 219 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य शामिल हैं।
आईडीपीएल मैदान में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान “धाकड़ धामी जिंदाबाद” और “पुष्कर धामी जिंदाबाद” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। यह आयोजन सरकार की उपलब्धियों के साथ-साथ जनता के समर्थन का भी प्रदर्शन माना गया।
राज्यपाल ने पांच वर्षों के कार्यकाल को बताया ऐतिहासिक
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने मुख्यमंत्री धामी को पांच वर्ष तक सफलतापूर्वक नेतृत्व देने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक स्थिरता, जनता के विश्वास और निरंतर विकास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में राज्य सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और प्रभावी भू-कानून जैसे निर्णयों को उन्होंने उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर बताया।
राज्यपाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई की भी सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शी प्रशासन के लिए उठाए गए कदम भविष्य में मिसाल बनेंगे।
CM Dhami 5 Years Report Card में सेवा और सुशासन पर जोर
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सत्ता उनके लिए कभी लक्ष्य नहीं रही, बल्कि जनता की सेवा का माध्यम रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा पखवाड़ा अभियान के तहत अधिकारी सीधे जनता के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प भी दोहराया।
निवेश, रोजगार और महिला सशक्तिकरण बनी बड़ी उपलब्धियां
CM Dhami 5 Years Report Card के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। इससे उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही स्टार्टअप नीति, होमस्टे योजना, एक जनपद-दो उत्पाद और सौर स्वरोजगार जैसी योजनाओं ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।
महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि “लखपति दीदी” अभियान के तहत दो लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
इन फैसलों ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान
पिछले पांच वर्षों में धामी सरकार के कई फैसले राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, प्रभावी भू-कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं।
इसके अलावा 1064 भ्रष्टाचार हेल्पलाइन, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, अवैध मदरसों पर कार्रवाई और प्रशासनिक सुधारों को भी सरकार ने अपनी उपलब्धियों में शामिल किया।
सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से उत्तराखंड में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ी है।
पर्यटन और बड़े आयोजनों से बदली राज्य की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी और जी-20 जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों ने उत्तराखंड को वैश्विक पहचान दिलाई है।
पर्यटन क्षेत्र में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे होटल, परिवहन, स्थानीय व्यापार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ एडवेंचर और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
2035 तक विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगले वर्षों में सरकार का मुख्य फोकस आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल सेवाओं, सीमांत क्षेत्रों के विकास और रोजगार सृजन पर रहेगा।
उन्होंने कहा कि CM Dhami 5 Years Report Card केवल बीते कार्यों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों के विकास का रोडमैप भी है। सरकार जनता के विश्वास को सबसे बड़ी ताकत मानते हुए उत्तराखंड को वर्ष 2035 तक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लक्ष्य पर लगातार काम करेगी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। आईडीपीएल मैदान से दिया गया यह संदेश साफ था कि राज्य सरकार अपनी उपलब्धियों के साथ भविष्य की योजनाओं को भी समान गति से आगे बढ़ाने का दावा कर रही है।









