आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक पत्नी ने अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव को घर के ही बाथरूम में दफना दिया। शातिर दिमाग का परिचय देते हुए महिला ने शव को छिपाने के लिए उस गड्ढे के ऊपर मिट्टी और गिट्टी डालकर मिस्त्री से पक्का फर्श (प्लास्टर) भी करवा दिया।
पुलिस ने घटना के 45 दिन बाद आरोपी पत्नी की निशानदेही पर बाथरूम की खुदाई करवाकर शव का कंकाल बरामद किया है। 14 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
यह पूरी घटना किसी थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसी लगती है, जहाँ एक महिला ने अकेले ही इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया और डेढ़ महीने तक कानून की आंखों में धूल झोंकती रही।
प्रताड़ना से तंग आकर अकेले ही रची हत्या की साजिश
मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले 44 वर्षीय सुरेंद्र शर्मा सिकंदरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में अपनी पत्नी रूबी और परिवार के साथ रहते थे। पुलिस पूछताछ में आरोपी पत्नी रूबी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि सुरेंद्र को शराब की गंभीर लत थी।
वह आए दिन शराब के नशे में धुत होकर घर आता था और रूबी के साथ बेरहमी से मारपीट और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। रोज-रोज के इस घरेलू कलह और प्रताड़ना से तंग आकर रूबी ने सुरेंद्र को अपने रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला कर लिया।
17 मई की रात: खीर में मिलाई नींद की गोलियां
रूबी ने पुलिस को बताया कि उसने 17 मई की रात को एक सोची-समझी साजिश के तहत घर में खीर बनाई। उसने चुपके से उस खीर में भारी मात्रा में नींद की गोलियां मिला दीं और सुरेंद्र को खाने के लिए दे दी। खीर खाते ही सुरेंद्र गहरी नींद में सो गया। सुबह करीब तीन बजे जब रूबी ने उठकर देखा, तो सुरेंद्र के शरीर में कोई हलचल नहीं थी।
उसने घबराकर पति को हिलाया-डुलाया और उसकी नब्ज टटोली, लेकिन सुरेंद्र की सांसें हमेशा के लिए थम चुकी थीं। नींद की गोलियों के ओवरडोज के कारण उसकी मौत हो चुकी थी।
बच्चों और सास को घर से दूर भेजा, अकेले ठिकाने लगाया शव
जिस वक्त इस वारदात को अंजाम दिया गया, उसी कमरे में रूबी की 13 वर्षीय बेटी प्राची और 9 वर्षीय बेटी सिद्धि सो रही थीं, जबकि दूसरे कमरे में उसकी बुजुर्ग सास कमला थीं। सुबह होते ही रूबी ने बेहद शातिर तरीके से दोनों बच्चों को अपनी सास के साथ घर से कुछ दूरी पर भेज दिया।

इसके बाद सुबह करीब नौ बजे उसने वायु विहार में रहने वाले अपने जेठ अनिल शर्मा को फोन करके बुलाया। लेकिन राज खुलने के डर से उसने जेठ को घर के अंदर कदम नहीं रखने दिया और बाहर से ही वापस भेज दिया। सबको रास्ते से हटाने के बाद रूबी ने घर का दरवाजा अंदर से बंद किया और अकेले ही शव को घसीटते हुए बाथरूम तक ले गई। उसने बाथरूम के कच्चे फर्श को गहरा खोदा और सुरेंद्र की लाश को उस गड्ढे में डाल दिया।
खुद डाली मिट्टी-गिट्टी, 500 रुपये देकर मिस्त्री से कराया प्लास्टर
शव को गड्ढे में डालने के बाद रूबी ने कॉलोनी के ही एक व्यक्ति के जरिए ₹600 में मिट्टी मंगवाई। उसने खुद अपने हाथों से गड्ढे में मिट्टी डालकर शव को पूरी तरह दबा दिया। इसके बाद उसने गिट्टी, मोरंग और सीमेंट का इंतजाम किया। उसने खुद ही गिट्टी डालकर जमीन को बराबर (लेवल) किया।
शव पूरी तरह छिप जाने के बाद उसने दहतोरा के रहने वाले राजमिस्त्री रवि को फोन कर बाथरूम का फर्श पक्का करने के लिए कहा। शाम करीब 6:30 बजे राजमिस्त्री रवि अपने एक मजदूर के साथ वहां पहुंचा। रूबी ने पहले से ही मिट्टी को इस तरह सेट कर रखा था कि किसी को शक न हो। मिस्त्री ने महज 500 रुपये की दिहाड़ी लेकर फर्श पर सीमेंट का पक्का प्लास्टर कर दिया और वहां से चला गया।
रातभर रोती रही कातिल पत्नी, मोबाइल सर्च हिस्ट्री निकली खाली
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए रूबी से लगातार 14 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। शनिवार को कोर्ट के आदेश के बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान रूबी आत्मग्लानि और डर के मारे रातभर लॉकअप में रोती रही। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करने के लिए रूबी के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री भी खंगाली।
शुरुआती बयान में उसने कहा था कि उसने शव को ठिकाने लगाने के तरीके इंटरनेट पर सर्च किए थे, लेकिन फोरेंसिक जांच में उसके मोबाइल से ऐसी कोई सर्च हिस्ट्री नहीं मिली। उसके फोन से परिवार के अलावा किसी अन्य संदिग्ध व्यक्ति को कॉल भी नहीं की गई थी, जिससे यह साफ होता है कि इस पूरी वारदात में वह अकेले ही शामिल थी।
राजमिस्त्री और मजदूर निकले बेकसूर, कंकाल का होगा DNA टेस्ट
पुलिस ने शक के आधार पर बाथरूम का फर्श बनाने वाले राजमिस्त्री रवि और उसके मजदूर को भी हिरासत में लेकर कई घंटों तक पूछताछ की। हालांकि, दोनों ने साफ किया कि उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि फर्श के नीचे किसी इंसान की लाश को दफनाया गया है। पुलिस ने उन्हें पूरी तरह निर्दोष मानते हुए छोड़ दिया है।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस जघन्य हत्याकांड में मृतक की पत्नी के अलावा किसी अन्य बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है। डॉक्टरों के एक विशेष पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
चूंकि शव पूरी तरह से कंकाल में तब्दील हो चुका था, इसलिए मौत के सटीक कारणों का पता लगाने और शिनाख्त की कानूनी पुष्टि के लिए कंकाल का डीएनए (DNA) सैंपल लिया गया है। पुलिस का कहना है कि महिला की निशानदेही पर शव की बरामदगी इस केस में आरोपी को सजा दिलाने के लिए अदालत में सबसे मजबूत और पुख्ता साक्ष्य साबित होगी।











