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​मम्मा ने पापा को मार दिया… लव मैरिज के बाद दोस्त से अफेयर, फिर पति का खौफनाक कत्ल; कानपुर मनीष हत्याकांड की पूरी कहानी

On: June 17, 2026 11:34 AM
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​मुख्य बिंदु:

  • ​प्रेम विवाह का दर्दनाक अंत: 9 साल पहले जिस निहारिका से मनीष ने प्रेम विवाह किया था, उसी ने उजाड़ दी दुनिया।
  • ​मासूम की गवाही: 6 साल के बेटे ने तोतली जुबान में खोला मां की हैवानियत का राज।
  • ​अंतिम शब्द: एक हाथ से पेट का खून रोकते हुए थाने पहुंचा था पीड़ित, मां से कहा था- “मां… निहारिका ने मार दिया।”
  • ​रहस्यमयी किरदार: ‘अंग्रेज सिंह’ नाम के शख्स की तलाश में जुटी पुलिस, फोन पर मिला था ‘काम तमाम’ करने का आदेश।

​भूमिका: प्रेम का वो खूनी मोड़ जिसने उजाड़ दिया हंसता-खेलता परिवार

​उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक ऐसी सनसनीखेज और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पवित्र वैवाहिक रिश्ते और प्रेम विवाह के दावों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब नौ साल पहले जिस युवती के प्यार की खातिर एक युवक ने दुनिया से लड़ाई मोल ली थी, उसी पत्नी ने अपने कथित ‘बॉयफ्रेंड’ के चक्कर में आकर अपने पति को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। यह खौफनाक कहानी कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र की है, जहां एक हंसता-खेलता परिवार चंद पलों के गुस्से, बेवफाई और साजिश की भेंट चढ़ गया।


​कपूर कारोबारी मनीष गुप्ता (42) की हैलट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मनीष पर उनकी पत्नी निहारिका ने ही धारदार चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे। इस घटना की सबसे दर्दनाक बात यह है कि जब निहारिका इस जघन्य अपराध को अंजाम दे रही थी, तब उनका 6 साल का मासूम बेटा सब कुछ अपनी आंखों से देख रहा था।

​प्रेम विवाह से बेवफाई और विवाद का सफर

​बालाजी धाम अपार्टमेंट के रहने वाले मनीष गुप्ता अपने पिता रामकिशोर गुप्ता के साथ रामगंज में कपूर का व्यापार करते थे। मनीष के पिता ने रूंधे गले से बताया कि साल 2017 में मनीष ने काहूकोठी की रहने वाली निहारिका से प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, दोनों का एक बेटा रियांश उर्फ विष्णु (6) भी हुआ। लेकिन पिछले दो साल से निहारिका के व्यवहार में अजीब बदलाव आने लगा था।

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​परिजनों के अनुसार, निहारिका अपने किसी पुरुष मित्र से फोन पर घंटों बातें किया करती थी। मनीष जब भी इसका विरोध करता, घर में भारी कलह शुरू हो जाती थी। निहारिका इस कदर हावी हो चुकी थी कि जब भी मनीष उसे समझाने का प्रयास करता, वह उल्टा पुलिस बुला लेती थी और परिवार पर दहेज उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाने की धमकी देती थी।

​5 जून की वो काली दोपहर: जब बेडरूम बना कत्लगाह

​मनीष की मां मीरा देवी ने बताया कि घटना वाले दिन यानी 5 जून की दोपहर करीब एक बजे निहारिका अपने कमरे में बंद होकर किसी से फोन पर लंबी बात कर रही थी। मनीष ने जब इसका कड़ा विरोध किया, तो दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। उस वक्त बेड पर उनका 6 साल का बेटा रियांश भी बैठा हुआ था।


​विवाद इस कदर बढ़ा कि निहारिका गुस्से में आपा खो बैठी। वह रसोई की तरफ भागी और वहां से एक तरफ से कांटेदार (जैक वाले) चाकू उठा लाई। इससे पहले कि मनीष कुछ समझ पाता, निहारिका ने उसके पेट और कमर पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। कमरे के फर्श पर खून का फव्वारा फूट पड़ा।

​एक हाथ से खून रोकता हुआ, दूसरे से बेटे को थामे थाने पहुंचा घायल पति

​इस हमले के बाद जो मंजर दिखा, उसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। लहूलुहान हालत में मनीष ने हिम्मत नहीं हारी। वह एक हाथ से अपनी कमर से बहते खून को दबाए हुए था और दूसरे हाथ से अपने 6 साल के मासूम बेटे रियांश को पकड़कर सीढ़ियों से नीचे उतरा।


​मनीष की मां मीरा देवी बताती हैं कि जब वह भागकर अपार्टमेंट के गेट पर पहुंचीं, तो बेटे को खून से सराबोर देखा। मनीष के आखिरी शब्द थे— “मां… निहारिका ने मार दिया।” ये शब्द आज भी मीरा देवी के कानों में गूंज रहे हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।


​मनीष उसी घायल अवस्था में अपने घर से करीब 500 मीटर दूर फीलखाना थाने पैदल पहुंचा। सड़क पर दूर तक खून की बूंदें बिखरी हुई थीं। थाने पहुंचकर मनीष ने पुलिस को पत्नी की हैवानियत की कहानी बताई, जिसके बाद पुलिस ने उसे तुरंत हैलट अस्पताल में भर्ती कराया।

​”मम्मा अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थीं…”— मासूम की जुबानी कत्ल की दास्तान

​इस पूरी मर्डर मिस्ट्री का सबसे संवेदनशील और भावुक कर देने वाला पहलू मनीष का 6 साल का बेटा रियांश है। एक तरफ पिता का शव घर पर रखा था और दादा-दादी बिलख रहे थे, वहीं इन सब बातों से बेखबर मासूम रियांश कमरे में मोबाइल पर वीडियो गेम खेलने में व्यस्त था।


​जब मीडिया और परिजनों ने उससे घटना के बारे में पूछा, तो उसने अपनी तोतली जुबान में जो कहा, उसने सबकी आंखें नम कर दीं। मासूम ने कहा:


​”मम्मा अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थीं, तब पापा से लड़ाई हो गई। मम्मा ने किचन से चाकू लाकर पापा को मार दिया…”

​इतना कहने के बाद वह मासूम फिर से अपने मोबाइल गेम में मग्न हो गया। उसे शायद यह अहसास भी नहीं था कि उसकी मां सलाखों के पीछे जा चुकी है और पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।

​’काम तमाम कर दो…’ फोन पर गूंजी थी मौत की साजिश

​इस हत्याकांड में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। मनीष के पिता रामकिशोर के मुताबिक, हैलट अस्पताल में जब मनीष को कुछ देर के लिए होश आया था, तब उसने एक भयानक राज से पर्दा उठाया था। मनीष ने बताया था कि जब उसका निहारिका से विवाद हो रहा था, तब निहारिका का फोन चालू था।

लाइन पर मौजूद उस अज्ञात शख्स ने जब घर में हो रहे शोर-शराबे की वजह पूछी, तो निहारिका ने बताया कि मनीष विरोध कर रहा है। इस पर फोन के दूसरी तरफ से आवाज आई— “आज इसका काम तमाम कर दो।” इसी उकसावे में आकर निहारिका ने चाकू से मनीष पर जानलेवा हमला किया।

​कौन है ‘अंग्रेज सिंह’? पुलिस खंगाल रही कुंडली

​मनीष की मां मीरा देवी ने बताया कि निहारिका अक्सर ‘अंग्रेज सिंह’ नाम के किसी व्यक्ति से फोन पर बात करती थी। इस व्यक्ति को परिवार का कोई भी सदस्य नहीं जानता। अब पुलिस उस रहस्यमयी कॉल डिटेल और सर्विलांस की मदद से ‘अंग्रेज सिंह’ का पता लगाने में जुटी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वही इस हत्या का मुख्य साजिशकर्ता या उकसाने वाला हो सकता है।

​बेटे को ढाल बनाकर जेल जाना चाहती थी कातिल पत्नी

​इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। परिजनों का आरोप है कि घटना 5 जून को हुई थी, लेकिन पुलिस ने निहारिका को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया। वह करीब एक हफ्ते तक उसी घर में आराम से रह रही थी। बताया जा रहा है कि निहारिका अपने 6 साल के बेटे को ढाल बनाकर उसके साथ जेल जाना चाहती थी।

रविवार (14 जून) को जब परिजनों ने सूझबूझ दिखाते हुए बच्चे को कोचिंग भेजने के बहाने घर से दूर किया, तब जाकर पुलिस ने घर के अंदर दाखिल होकर निहारिका को हिरासत में लिया।

​उपसंहार: 11 दिनों की जंग के बाद मनीष ने तोड़ा दम

​मनीष गुप्ता करीब 11 दिनों तक अस्पताल के आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ते रहे। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद आंतरिक अंगों में गहरे घाव और अत्यधिक खून बह जाने के कारण मंगलवार (16 जून) को उन्होंने दम तोड़ दिया। मनीष की मौत के बाद पुलिस ने दर्ज मामले को हत्या (धारा 302/प्रासंगिक नई धाराओं) में तरमीम कर दिया है।


​एक तरफ बूढ़े माता-पिता का इकलौता सहारा छिन गया है, तो दूसरी तरफ एक मासूम बच्चा अनाथ हो चुका है, जिसकी मां कातिल है और पिता इस दुनिया में नहीं रहे। कानपुर का यह मनीष हत्याकांड समाज में रिश्तों के गिरते स्तर और अंधाधुंध अविश्वास की एक खौफनाक मिसाल बन गया है। पुलिस फिलहाल मुख्य आरोपी निहारिका को जेल भेजकर उसके कथित प्रेमी की तलाश सरगर्मी से कर रही है।

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