मुख्य बिंदु:
- गुजरात के राजकोट जिले के गुंडाला गांव की खौफनाक वारदात।
- शराब की लत के कारण माता-पिता ने ही ली 23 वर्षीय बड़े बेटे की जान।
- वारदात को खुदकुशी का रूप देने के लिए अस्पताल और नेताओं पर बनाया था दबाव।
- शादी के महज 4 महीने बाद ही विधवा हुई पत्नी ने खोला राज, दोनों आरोपी गिरफ्तार।
प्रस्तावना: कलयुगी माता-पिता की हैवानियत
राजकोट। गुजरात के राजकोट जिले से एक ऐसा सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज और पारिवारिक रिश्तों को झकझोर कर रख दिया है। जिन माता-पिता को बच्चों का रक्षक माना जाता है, वही भक्षक बन गए। राजकोट के गोंडल तालुका के अंतर्गत आने वाले गुंडाला गांव में एक माता-पिता ने मिलकर अपने ही 23 वर्षीय बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी।
चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या को अंजाम देने के लिए पहले बेटे को जबरन तेजाब (Acid) पिलाया गया और फिर उसका गला घोंट दिया गया। इस खौफनाक वारदात को आत्महत्या का रूप देने की पूरी कोशिश की गई थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस खूनी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
क्या है पूरा मामला? (वारदात की वजह)
पुलिस जांच और दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की पहचान 23 वर्षीय राम बाबूभाई बंभवा के रूप में हुई है। राम दो भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और उसके पिता स्थानीय स्तर पर एक चाय की दुकान चलाते हैं। बताया जा रहा है कि राम को अत्यधिक शराब पीने की लत थी, जिसके कारण परिवार में लंबे समय से अशांति का माहौल था।
शराब की इस लत की वजह से अक्सर राम का उसके पिता बाबूभाई उर्फ अतुलभाई घुघाभाई बंभवा और मां मनीषाबेन उर्फ मोतीबेन के साथ झगड़ा होता रहता था।
बीती 30 जून को भी घर में इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि माता-पिता ने अपने ही खून को खत्म करने का फैसला कर लिया। गुस्से में अंधी हुई मां मनीषाबेन ने अपने बेटे राम को पकड़कर जबरदस्ती तेजाब पिला दिया। तेजाब शरीर के अंदर जाते ही राम तड़पने लगा, इसी दौरान पिता बाबूभाई ने उसके साथ मारपीट की और फिर गला घोंटकर उसे हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया।
खुदकुशी का नाटक और राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल
बेटे की हत्या करने के बाद आरोपियों ने कानून से बचने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची। उन्होंने इस पूरी वारदात को एक दुर्घटना या आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। समाज और पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए यह अफवाह फैलाई गई कि राम ने घरेलू कलह और शराब के नशे में खुदकुशी कर ली है।
इतना ही नहीं, पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पिता बाबूभाई ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया। उसने कुछ स्थानीय और राजनीतिक नेताओं के जरिए गोंडल सिविल अस्पताल के डॉक्टरों पर दबाव बनाने की कोशिश की, ताकि राम का पोस्टमार्टम जल्द से जल्द और बिना किसी गहन जांच के निपटा दिया जाए। आरोपी को लग रहा था कि अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामान्य आ गई, तो वह कानून के शिकंजे से हमेशा के लिए बच निकलेगा।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला राज, पत्नी ने दर्ज कराई FIR
कहते हैं कि जुर्म कितना भी शातिर तरीके से क्यों न किया जाए, कानून के हाथ वहां तक पहुंच ही जाते हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर गहन पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जब पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट सामने आई, तो डॉक्टरों के साथ-साथ पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। रिपोर्ट में साफ हुआ कि युवक की मौत सामान्य आत्महत्या नहीं थी। उसके शरीर के अंदरूनी अंगों में एसिड के अंश मिले और गले पर दबाए जाने के निशान (Strangulation) पाए गए, जिससे स्पष्ट हो गया कि यह सीधे तौर पर हत्या का मामला है।
इस बीच, मृतक राम की पत्नी बंशीबेन बम्भवा ने अपने ससुराल वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बंशीबेन और राम की शादी को महज चार महीने ही हुए थे कि उसका उजाड़ बसने से पहले ही उजड़ गया। पति की रहस्यमय मौत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर बंशीबेन ने गोंडल तालुका पुलिस स्टेशन में अपने सास-ससुर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया।
पुलिसिया कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
शिकायत दर्ज होते ही राजकोट पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। गोंडल तालुका पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दबिश दी और आरोपी पिता बाबूभाई उर्फ अतुल घुधा बम्भवा तथा माता मनीषाबेन बाबू बम्भवा को आईपीसी/बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया।
इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील हत्याकांड की कमान खुद पुलिस इंस्पेक्टर (PI) यू.आर. दामोर संभाल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि वारदात के समय इस्तेमाल किए गए तेजाब के स्रोत और साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिशों में शामिल अन्य कड़ियों को भी उजागर किया जा सके। इस घटना के बाद से पूरे गुंडाला गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस बात से हैरान हैं कि कोई माता-पिता इतने क्रूर कैसे हो सकते हैं।











