देहरादून/पौड़ी: उत्तराखंड के पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ी खबर है। पौड़ी नेशनल हाईवे (NH-534) पर गुमखाल से सतपुली के बीच यातायात व्यवस्था मंगलवार शाम से लेकर बुधवार सुबह तक पूरी तरह से ठप रहेगी। जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए इस मार्ग पर आगामी 13 घंटों के लिए सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
यह फैसला राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य के दौरान पैदा हुए गंभीर खतरे को देखते हुए लिया गया है। सतपुली मल्ली क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-धंसाव के कारण सड़क के ठीक ऊपरी हिस्से पर विशालकाय और भारी-भरकम बोल्डर (चट्टानें) बेहद असुरक्षित स्थिति में लटक गए हैं। इन्हें हटाने के लिए प्रशासन ने ‘कंट्रोल्ड ब्लास्टिंग’ (Controlled Blasting) तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है।
क्यों बंद किया जा रहा है हाईवे? जानिए मुख्य वजह
जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्था से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-534 के किलोमीटर संख्या 188.500 (सतपुली मल्ली) पर पिछले कुछ समय से सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा था। इस पहाड़ी की कटिंग के बाद से ही क्षेत्र में लगातार भू-धंसाव (Landslide/Sinking zone) की स्थिति बनी हुई है।
लगातार हो रही मिट्टी की खिसकाव की वजह से पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में मौजूद बड़े-बड़े बोल्डर अपनी जगह छोड़ चुके हैं और अब वे हवा में लटके हुए हैं। ये बोल्डर किसी भी वक्त नीचे मुख्य सड़क पर गिर सकते हैं, जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। मानसून के दस्तक देने और पहाड़ी रूट पर लगातार बढ़ती यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन ने किसी भी संभावित बड़े हादसे को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। इन लटके हुए पत्थरों को कंट्रोल्ड ब्लास्टिंग के जरिए सुरक्षित तरीके से गिराया और साफ किया जाएगा।
नोट कर लें समय: कब से कब तक बंद रहेगा रास्ता?
सुरक्षा के मद्देनजर लागू किया जा रहा यह महाब्लॉक 30 जून 2026 (मंगलवार) की शाम 5:00 बजे से शुरू होकर 1 जुलाई 2026 (बुधवार) की सुबह 6:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। इन 13 घंटों के दौरान हाईवे पर सन्नाटा रहेगा और किसी भी आपातकालीन वाहन को छोड़कर अन्य सभी व्यावसायिक, निजी व सार्वजनिक वाहनों की एंट्री पूरी तरह से बैन रहेगी।
परेशानी से बचने के लिए इन ‘वैकल्पिक मार्गों’ का करें इस्तेमाल
यात्रियों और वाहन चालकों को बीच रास्ते में फंसने या किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए प्रशासन ने ट्रैफिक को डायवर्ट किया है। यदि आप भी इस दौरान पौड़ी, सतपुली या कोटद्वार की तरफ यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो नीचे दिए गए वैकल्पिक रूटों (Alternative Routes) का पालन करें:
1. सतपुली की तरफ जाने वाले वाहनों के लिए:
जो वाहन सतपुली या उससे आगे की ओर जाना चाहते हैं, वे मुख्य हाईवे के बजाय सतपुली–कांडाखाल–सिसल्डी–डेरियाखाल मोटर मार्ग का उपयोग कर अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं। हालांकि यह मार्ग थोड़ा लंबा और संकरा हो सकता है, लेकिन यात्रा के लिहाज से सुरक्षित है।
2. कोटद्वार से आने वाले वाहनों के लिए रूट:
कोटद्वार की ओर से आने वाले और सतपुली-पौड़ी की तरफ बढ़ने वाले छोटे व बड़े वाहनों को दुगड्डा–फतेहपुर–डेरियाखाल–चुंडई–कांडाखाल–सतपुली मार्ग से भेजा जाएगा। इस रूट पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ सकता है, इसलिए वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने की सहयोग की अपील, सुरक्षा को बताया सर्वोपरि
पौड़ी गढ़वाल जिला प्रशासन ने आम जनता, स्थानीय निवासियों और विशेषकर तीर्थयात्रियों व पर्यटकों से इस कार्य के दौरान धैर्य बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ों में इस तरह की कंट्रोल्ड ब्लास्टिंग के दौरान पत्थरों के छिटकने और धूल का गुबार उठने का खतरा रहता है, इसलिए ब्लास्टिंग साइट के आसपास किसी को भी रुकने की अनुमति नहीं होगी।

”सड़क पर सफर करने वाले हर एक नागरिक की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। इन खतरनाक बोल्डरों को समय रहते हटाना बेहद जरूरी था ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके। कार्यदायी संस्था की टीमें मौके पर तैनात रहेंगी ताकि सुबह तय समय पर हाईवे को दोबारा सुचारू किया जा सके।” – स्थानीय प्रशासन








