मुख्य बिंदु:
- 2024 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाले कीर स्टारमर का कार्यकाल 2 साल से भी कम समय में समाप्त।
- 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर भावुक भाषण में स्टारमर ने कहा- “पार्टी का फैसला मंजूर, देश हित सर्वोपरि।”
- लेबर पार्टी के आंतरिक संकट और घटती लोकप्रियता के बाद दबाव में लिया फैसला।
- ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम बने पीएम पद की रेस में सबसे आगे।
- ब्रिटेन को पिछले एक दशक में मिलने जा रहा है सातवां प्रधानमंत्री।
लंदन।
ब्रिटेन की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। लेबर पार्टी के भीतर हफ्तों से चल रही खींचतान और बढ़ते राजनीतिक दबाव के आगे झुकते हुए प्रधानमंत्री कीर स्टारमर (Keir Starmer) ने सोमवार (22 जून 2026) को अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी है। उन्होंने बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स III को अपने इस फैसले की आधिकारिक जानकारी दे दी है। हालांकि, देश में प्रशासनिक शून्यता से बचने के लिए वे नए प्रधानमंत्री के चुने जाने तक ‘केयरटेकर’ (कार्यवाहक) पीएम के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
स्टारमर के इस औचक इस्तीफे ने डाउनिंग स्ट्रीट में एक और छोटे कार्यकाल का अंत कर दिया है। इसके साथ ही ब्रिटेन में पिछले कुछ वर्षों से जारी राजनीतिक अस्थिरता और प्रधानमंत्रियों के बार-बार बदलने का सिलसिला एक बार फिर पुनर्जीवित हो गया है। ब्रिटेन पिछले एक दशक में अब अपने सातवें प्रधानमंत्री का स्वागत करने की तैयारी कर रहा है।
10 डाउनिंग स्ट्रीट पर भावुक विदाई
61 वर्षीय कीर स्टारमर ने सोमवार को 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर देश को संबोधित करते हुए अपने इस्तीफे का एलान किया। इस दौरान वे काफी भावुक नजर आए और उनका गला भर आया। स्टारमर ने कहा, “मेरी पार्टी के भीतर अब यह सवाल उठ रहा था कि क्या मैं अगले आम चुनाव में नेतृत्व करने के लिए सही व्यक्ति हूं? मैंने अपनी संसदीय पार्टी के जवाब को बेहद शालीनता और सम्मान के साथ स्वीकार कर लिया है। मेरे द्वारा लिया गया हर निर्णय हमेशा उस देश को सर्वोपरि रखने के लिए था जिससे मैं प्यार करता हूं।
यही वजह है कि मैं लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे रहा हूं।”
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि वे अपने उत्तराधिकारी को एक मजबूत और अधिक न्यायसंगत ब्रिटेन सौंप रहे हैं। संबोधन के अंत में उन्होंने अपनी पत्नी विक्टोरिया और बच्चों का आभार जताते हुए कहा कि अब वे देश के सबसे बड़े पद को छोड़कर अपने परिवार के लिए एक बेहतर पति और पिता बनने की भूमिका पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
क्यों डगमगाई स्टारमर की कुर्सी? इस्तीफे के मुख्य कारण
जुलाई 2024 में जब कीर स्टारमर के नेतृत्व में लेबर पार्टी ने कंजर्वेटिव पार्टी के 14 साल के शासन को उखाड़ फेंका था, तब उन्हें ऐतिहासिक जनमत हासिल हुआ था। शुरुआती दिनों में उनकी सरकार के प्रति जनता में भारी उत्साह था, लेकिन समय बीतने के साथ चुनौतियां बढ़ती गईं:
- आर्थिक चुनौतियां और जीवन यापन की लागत: स्टारमर सरकार जनता से किए गए आर्थिक सुधारों और वादों को जमीन पर उतारने में नाकाम रही। देश में महंगाई और जीवन यापन की बढ़ती लागत (Cost of Living) ने आम नागरिकों को परेशान किया।
- पब्लिक सर्विसेज में गिरावट: ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा (NHS) समेत बुनियादी सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति में सुधार न होने से जनता का भरोसा डगमगा गया।
- नीतियों पर यू-टर्न और आंतरिक कलह: पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण नीतियों पर सरकार के पीछे हटने (U-turns) और हाल ही में कुछ विवादित नियुक्तियों को लेकर लेबर पार्टी के सांसदों और कैबिनेट मंत्रियों में असंतोष चरम पर पहुंच गया था।
- उप-चुनाव के नतीजे: हाल ही में मेकरफील्ड (Makerfield) उप-चुनाव में एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) की बड़ी जीत और संसद में उनकी वापसी ने स्टारमर के नेतृत्व पर अंतिम प्रहार किया। पार्टी के एक बड़े धड़े ने मान लिया कि स्टारमर के नेतृत्व में अगला चुनाव नहीं जीता जा सकता।
कब तक चुना जाएगा नया प्रधानमंत्री?
कीर स्टारमर ने अपने इस्तीफे के साथ ही नए नेतृत्व के चयन की समयसीमा भी स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) 9 जुलाई से नए नेता के चयन के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू करेगी। संसद के ग्रीष्मकालीन अवकाश (Summer Recess) से पहले उम्मीदवारों की स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
यदि पार्टी में कोई अन्य प्रतिद्वंद्वी सामने नहीं आता है, तो जुलाई के मध्य तक नए पीएम का नाम तय हो जाएगा। वहीं, मुकाबला होने की स्थिति में सितंबर की शुरुआत तक नया प्रधानमंत्री डाउनिंग स्ट्रीट का कार्यभार संभाल लेगा।
कौन होगा ब्रिटेन का अगला वजीर-ए-आजम?
कीर स्टारमर के हटने के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ब्रिटेन की कमान किसके हाथ में जाएगी। फिलहाल रेस में सबसे आगे एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) का नाम चल रहा है। ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर रहे बर्नहैम ने हाल ही में उप-चुनाव जीतकर वेस्टमिंस्टर में वापसी की है और उन्हें लेबर पार्टी के सांसदों का भारी समर्थन हासिल है। उनके अलावा पूर्व स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग भी इस रेस में शामिल हो सकते हैं।
वैश्विक स्तर पर हलचल
ब्रिटेन के इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर स्टारमर के इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे प्रवासन (Immigration) और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विफल रहे।
बहरहाल, कीर स्टारमर का जाना ब्रिटेन की राजनीति के उस दौर को दिखाता है जहां जनता और पार्टी के भीतर का धैर्य अब बहुत कम हो चुका है। अब देखना यह होगा कि आने वाला नया नेतृत्व ब्रिटेन को इस आर्थिक और राजनीतिक भंवर से कैसे बाहर निकालता है।










