मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: राजेश्वर नगर स्थित स्काईलाइन अपार्टमेंट (फेज-1) का एक हॉस्टल।
- पीड़िता: आगरा की रहने वाली छात्रा डेलिशा भगौर, हालत बेहद नाजुक।
- वर्तमान स्थिति: मैक्स अस्पताल के न्यूरो आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है छात्रा।
- पुलिस कार्रवाई: पिता की तहरीर पर चार साथी छात्राओं के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस।
देहरादून (उत्तराखंड)।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजेश्वर नगर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के एक नामी छात्रावास (हॉस्टल) की तीसरी मंजिल से गिरकर एक छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। घायल छात्रा को आनन-फानन में देहरादून के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है और वह वेंटिलेटर/न्यूरो आईसीयू में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही है।
इस पूरे मामले में मोड़ तब आया जब पीड़िता के पिता ने इसे महज एक दुर्घटना मानने से इनकार कर दिया। पिता ने अपनी बेटी की सहेलियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या के प्रयास की आशंका जताई है। पुलिस ने पिता की तहरीर के आधार पर हॉस्टल में रहने वाली चार छात्राओं के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की सघनता से जांच शुरू कर दी है।
देर रात साढ़े बारह बजे की घटना, परिजनों को फोन पर मिली सूचना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी राहुल भगौर ने देहरादून पुलिस को एक लिखित शिकायत सौंपी है। राहुल भगौर ने बताया कि उनकी पुत्री डेलिशा भगौर देहरादून के एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में पढ़ाई कर रही है। पढ़ाई के सिलसिले में वह राजेश्वर नगर स्थित ‘स्काईलाइन अपार्टमेंट फेज-1’ के एक हॉस्टल में रह रही थी।
शिकायत के मुताबिक, बीते चार जून की देर रात करीब 12:30 से 1:00 बजे के बीच राहुल भगौर के पास हॉस्टल प्रबंधन या वहां मौजूद लोगों का फोन आया। फोन पर उन्हें अत्यंत दुखद और चौंकाने वाली सूचना मिली कि उनकी बेटी डेलिशा तीसरी मंजिल की बालकनी से नीचे गिर गई है। इस सूचना के बाद परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और वे तुरंत देहरादून के लिए रवाना हो गए।
मैक्स अस्पताल के न्यूरो आईसीयू में भर्ती, हालत नाजुक
बालकनी से नीचे गिरने के कारण डेलिशा को अत्यंत गंभीर चोटें आई हैं। सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोट होने के कारण उसे तत्काल देहरादून के प्रसिद्ध मैक्स अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने छात्रा की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत न्यूरो आईसीयू (Neuro ICU) में शिफ्ट कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, छात्रा की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे लगातार ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। परिजन अपनी बेटी की सलामती के लिए दुआएं मांग रहे हैं।
पिता का आरोप: ‘बयानों में विरोधाभास, बेटी को धक्का दिया गया’
छात्रा के पिता राहुल भगौर का कहना है कि घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं और चश्मदीदों ने जो बयान दिए, उनमें काफी विरोधाभास है। डेलिशा की सहेलियों द्वारा दी जा रही जानकारी से परिवार बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है। पिता का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई गहरी साजिश है और कई बातें संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं।
राहुल भगौर ने अपनी पुलिस शिकायत में कुछ छात्राओं का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उन्होंने आशंका जताई है कि उनकी बेटी खुद नहीं गिरी, बल्कि हॉस्टल की अन्य छात्राओं ने आपसी रंजिश या किसी विवाद के चलते उसे तीसरी मंजिल की बालकनी से नीचे धक्का दे दिया। इसी आशंका के आधार पर उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष और कड़े कदम उठाने की मांग की है।
परिजनों ने की ‘कैमरा प्रेडिक्शन’ और स्वतंत्र जांच की मांग
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं, ताकि जांच निष्पक्ष हो सके और दोषियों को बचाया न जा सके:
- सीसीटीवी फुटेज की सुरक्षा: हॉस्टल परिसर और स्काईलाइन अपार्टमेंट के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को तुरंत पुलिस अपने कब्जे में ले और उसकी गहन फॉरेंसिक जांच कराए।
- कैमरे के सामने बयान: घटना के समय हॉस्टल में जो भी छात्राएं या स्टाफ मौजूद था, उन सभी के बयान अलग-अलग और स्वतंत्र रूप से दर्ज किए जाएं।
- पारदर्शिता: पिता ने मांग की है कि छात्राओं के बयान वीडियो रिकॉर्डिंग (कैमरे के सामने) के तहत लिए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव या प्रभाव के कारण जांच प्रभावित न हो सके।
पुलिस का वक्तव्य: जांच जारी, सच आएगा सामने
इस पूरे मामले पर देहरादून पुलिस का कहना है कि पिता राहुल भगौर की शिकायत के आधार पर हॉस्टल में रहने वाली चार छात्राओं के विरुद्ध हत्या के प्रयास की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
”मामला बेहद गंभीर है। एक छात्रा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है। परिजनों की शिकायत पर चार छात्राओं के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है और वारदात की रात की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी कि यह एक हादसा था या सोची-समझी साजिश।”
— स्थानीय पुलिस अधिकारी
आगे की कार्रवाई:
पुलिस अब डेलिशा के फोन कॉल रिकॉर्ड्स (CDR), सोशल मीडिया चैट्स और हॉस्टल के रजिस्टर की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले क्या डेलिशा का किसी से कोई झगड़ा या विवाद हुआ था। पुलिस हॉस्टल के वार्डन और अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर बाहरी राज्यों से आकर देहरादून में पढ़ रहे छात्रों की सुरक्षा और हॉस्टलों के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पूरे देहरादून शिक्षा जगत और राजेश्वर नगर इलाके में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं और हर कोई डेलिशा के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।







