मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: उत्तरकाशी जिले का पुरोला प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला एक गांव।
- आरोपी व पीड़िता: दोनों नाबालिग; कक्षा 6 का 13 वर्षीय किशोर और कक्षा 4 की 9 वर्षीय छात्रा।
- पुलिसिया कार्रवाई: पोक्सो और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज, पीड़िता को मेडिकल के लिए उत्तरकाशी भेजा गया।
पूरी खबर: पुरोला में नाबालिग से दरिंदगी
उत्तरकाशी (पुरोला): उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से एक बेहद विचलित और हैरान करने वाली खबर सामने आई है। उत्तरकाशी जनपद के पुरोला प्रखंड क्षेत्र के एक गांव में बच्चों के खेल-खेल के बीच एक मासूम बच्ची दरिंदगी का शिकार हो गई। यहाँ कक्षा 6 में पढ़ने वाले एक 13 वर्षीय किशोर पर चौथी कक्षा की 9 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का संगीन आरोप लगा है।
घटना के समय पीड़िता के माता-पिता घर पर मौजूद नहीं थे। जब मासूम खून से लथपथ हालत में अपने परिजनों को मिली, तब जाकर इस खौफनाक वारदात का पर्दाफाश हुआ। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं।
माता-पिता की अनुपस्थिति में मंदिर परिसर में हुई वारदात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक और शर्मनाक घटना बुधवार दोपहर बाद की बताई जा रही है। घटना के दिन मासूम बच्ची की मां पास के ही एक दूसरे गांव में आयोजित मेले में शामिल होने गई हुई थी। वहीं, पीड़िता के पिता रोज़ी-रोटी के सिलसिले में मजदूरी करने के लिए खेतों की तरफ गए हुए थे। घर पर कोई बड़ा सदस्य न होने के कारण 9 वर्षीय छात्रा गांव के ही एक स्थानीय मंदिर परिसर में खेल रही थी।
इसी दौरान गांव का ही रहने वाला 13 वर्षीय किशोर भी वहां पहुंच गया। दोनों बच्चे आपस में खेलने लगे। आरोप है कि खेल-खेल के बहाने किशोर उस मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर मंदिर के पिछले हिस्से में एकांत जगह पर ले गया। वहां आरोपी किशोर ने मासूम की लाचारी का फायदा उठाते हुए उसके साथ जबरन दुराचार (दुष्कर्म) की वारदात को अंजाम दिया।
खून से लथपथ मिली मासूम, पिता के सामने खुली सच्चाई
दिल दहला देने वाली इस वारदात के बाद आरोपी किशोर मौके से भाग निकला। शाम के वक्त जब पीड़िता के पिता खेतों से मजदूरी का काम खत्म करके अपने घर लौटे, तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने अपनी 9 साल की मासूम बेटी को गंभीर हालत में और खून से लथपथ पाया। बच्ची दर्द से बुरी तरह कराह रही थी और सहमी हुई थी।
परिजनों ने जब अत्यधिक खून बहने का कारण पूछा और प्यार से पूछताछ की, तो बिलखती हुई मासूम ने अपने साथ हुई इस पूरी आपबीती और दरिंदगी की कहानी बयां की। बच्ची की जुबानी सच्चाई सुनकर माता-पिता के होश उड़ गए। मासूम की नाजुक हालत को देखते हुए पिता उसे तुरंत आनन-फानन में इलाज के लिए उपजिला चिकित्सालय पुरोला लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने तुरंत स्थानीय थाना पुलिस को मामले की लिखित सूचना दी।
पुलिस की त्वरित विधिक कार्रवाई, उत्तरकाशी रेफर
मामले की संवेदनशीलता और पीड़िता की गंभीर स्थिति को देखते हुए पुरोला थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस बल ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता का हाल जाना और परिजनों से घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। पुरोला के थानाध्यक्ष दीपक सिंह कठैत ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मामला दो नाबालिगों से जुड़ा हुआ है, इसलिए पूरी सतर्कता और कानूनी नियमों का पालन करते हुए कार्रवाई की जा रही है।
पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज, किशोर से पूछताछ जारी
थानाध्यक्ष दीपक सिंह कठैत के मुताबिक, पीड़िता के पिता द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित गंभीर धाराओं और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। चूंकि मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी 13 वर्षीय किशोर को अभिरक्षा में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। मामले में बाल कल्याण समिति (CWC) और जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के दिशानिर्देशों के तहत आगे की विधिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
मेडिकल जांच के लिए जिला चिकित्सालय भेजा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुरोला उपजिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद, पीड़िता की विस्तृत और गहन मेडिकल जांच (Forensic & Medical Examination) के लिए उसे जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी रेफर कर दिया गया है। पुलिस महिला विंग की देखरेख में पीड़िता को जिला अस्पताल भेजा गया है। डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद कोर्ट के समक्ष साक्ष्य के रूप में इसे पेश किया जाएगा।
बढ़ते बाल अपराधों पर सामाजिक चिंता
इस घटना ने देवभूमि उत्तराखंड के शांत ग्रामीण अंचलों में बच्चों के बीच बढ़ रही विकृति और बाल अपराधों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। इतनी कम उम्र के बच्चों में इस तरह की आपराधिक प्रवृत्ति का आना समाज, अभिभावकों और बुद्धिजीवियों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आज के दौर में बच्चों पर सही संस्कारों और उनके डिजिटल एक्सपोजर (इंटरनेट/मोबाइल) पर निगरानी रखना कितना जरूरी हो गया है, यह घटना उसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है।







