रांची (न्यूज़ डेस्क): झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद सनसनीखेज और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली खबर सामने आई है। रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रांतीय कार्यालय पर देर रात अज्ञात समाजकंटकों द्वारा पेट्रोल बम से हमला किया गया।
आधी रात को अंजाम दी गई इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी भी प्रकार की जनहानि या किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है।
आधी रात को दहला निवारणपुर: CCTV में कैद हुई करतूत
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब 12:36 बजे की है। रात के सन्नाटे में बाइक सवार दो संदिग्ध युवक निवारणपुर स्थित संघ कार्यालय के समीप पहुंचे। कार्यालय के मुख्य द्वार को निशाना बनाते हुए उन्होंने ज्वलनशील पदार्थ से भरा पेट्रोल बम फेंका। बम गिरते ही वहां जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें उठने लगीं। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद दोनों आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से तेजी से फरार हो गए।
यह पूरी कायराना हरकत आरएसएस कार्यालय के बाहर और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में साफ तौर पर कैद हो गई है। फुटेज में दोनों युवकों की संदिग्ध गतिविधियां, पेट्रोल बम फेंकने का तरीका और भागने की दिशा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। घटना के तुरंत बाद कार्यालय में मौजूद सुरक्षाकर्मियों और स्वयंसेवकों ने मुस्तैदी दिखाई, जिससे आग पर तुरंत काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
घटनास्थल पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और भाजपा नेता
आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंके जाने की खबर जैसे ही सुबह शहर में फैली, राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री और रांची के स्थानीय सांसद संजय सेठ सुबह ही सीधे घटनास्थल पर पहुंचे। उनके साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई वरिष्ठ नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता भी निवारणपुर कार्यालय पहुंचे।
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने घटनास्थल का जायजा लिया और वहां मौजूद संघ के पदाधिकारियों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। संजय सेठ ने कहा,
”यह हमला केवल एक कार्यालय पर नहीं, बल्कि रांची की शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। राजधानी के बीचों-बीच इस तरह की वारदात को अंजाम देना अपराधियों के बेखौफ हौसलों को दर्शाता है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि बिना किसी देरी के दोषियों को चिन्हित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।”
भाजपा नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
पुलिस महकमे में मंचा हड़कंप, जांच के लिए विशेष टीमें गठित
हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण रांची पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फोरेंसिक एक्सपर्ट और चुटिया थाने की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से पेट्रोल बम के अवशेष और साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। फुटेज को खंगालकर दोनों आरोपियों के हुलिए और उनकी बाइक के नंबर का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही, पुलिस आसपास के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े किसी भी संदिग्ध इनपुट को जुटाया जा सके। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
इस घटना के बाद निवारणपुर और चुटिया समेत पूरे रांची शहर में पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या सांप्रदायिक तनाव को भड़कने से रोकने के लिए संघ कार्यालय और उसके आसपास के संवेदनशील चौराहों पर भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल (Force) की तैनाती कर दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि कोई भ्रामक जानकारी न फैला सके।
सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर उठे गंभीर सवाल
रांची के बीच शहर में स्थित एक प्रमुख संगठन के कार्यालय पर इस तरह सरेआम पेट्रोल बम से हमला होना कहीं न कहीं स्थानीय पुलिस के खुफिया तंत्र (Intelligence) और रात्रि गश्त पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि रात के समय पुलिस की गश्त प्रभावी होती, तो शायद अपराधी इस तरह की वारदात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। बहरहाल, अब पूरी शहर की नजरें रांची पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं कि कितनी जल्दी इन हमलावरों को बेनकाब किया जाता है।










