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छत्तीसगढ़ में खूनी खेल: रेत खनन विवाद में BJP नेता लल्ला सिंह को फॉर्च्यूनर समेत जिंदा जलाया, 4 समर्थक गंभीर रूप से झुलसे; इलाके में भारी फोर्स तैनात

On: June 17, 2026 7:55 AM
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​कोरिया (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक बेहद सनसनीखेज, खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। सोनहत तहसील के ग्राम कटगोड़ी से लगे नवगई में मंगलवार देर रात रेत के अवैध कारोबार और आपसी रंजिश को लेकर दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया।

इस हिंसक झड़प के दौरान लगभग 30 लोगों की उग्र भीड़ ने फॉर्च्यूनर कार में सवार भाजपा नेता और सोनहत जनपद के पूर्व उपाध्यक्ष भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए पहले भारी वाहन (टिपर) से टक्कर मारकर फॉर्च्यूनर के दरवाजे जाम किए और फिर पेट्रोल छिड़ककर गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। इस दर्दनाक हादसे में भाजपा नेता लल्ला सिंह की कार के भीतर ही जिंदा जलने से मौके पर मौत हो गई, जबकि उनके चार समर्थक गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

​टिपर से मारी टक्कर, फिर पेट्रोल डालकर लगाई आग

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात मंगलवार की देर रात नवगई गांव के पास अंजाम दी गई। बताया जा रहा है कि मृतक भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह अपने समर्थकों के साथ तीन वाहनों में सवार होकर दूसरे पक्ष के घर पहुंचे थे। वहां बातचीत के दौरान विवाद इतना उग्र हो गया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों और हथियारों से लैस होकर हमला बोल दिया।

हमलावरों ने एक भारी टिपर वाहन से लल्ला सिंह की फॉर्च्यूनर कार पर कई बार जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भयानक थी कि फॉर्च्यूनर के दरवाजे पूरी तरह से पिचक कर जाम हो गए, जिससे कार के अंदर बैठे लोग बाहर न निकल सकें।

​इसके तुरंत बाद भीड़ में शामिल लोगों ने कार पर चारों तरफ से पेट्रोल छिड़का और माचिस मार दी। देखते ही देखते चमचमाती फॉर्च्यूनर कार आग का गोला बन गई। कार के भीतर फंसे लल्ला सिंह को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और आग की लपटों में घिरने के कारण उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। उनका शव पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

​खिड़की तोड़कर भाग रहे समर्थकों को भी बेरहमी से पीटा

​जब कार धू-धू कर जल रही थी, तब गाड़ी के भीतर मौजूद उनके समर्थकों ने जान बचाने के लिए वाहन के शीशे और खिड़कियां तोड़ने की कोशिश की। जैसे ही कुछ समर्थक खिड़की तोड़कर बाहर निकलने में कामयाब हुए, तो बाहर खड़ी हमलावरों की भीड़ ने उन पर भी लाठियों से बेरहमी से हमला कर दिया।


​इस हमले में तीन से चार समर्थक 40 से 60 फीसदी तक बुरी तरह झुलस गए हैं। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत बैकुंठपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, उनकी गंभीर और नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पहले अंबिकापुर और फिर वहां से बेहतर इलाज के लिए राजधानी रायपुर के बर्न यूनिट में रेफर कर दिया है, जहां वे जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं।

​क्यों शुरू हुआ यह खूनी संघर्ष?

​स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच इलाके में रेत के कारोबार और डंपिंग को लेकर लंबे समय से तनातनी और वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। मृतक लल्ला सिंह का बैकुंठपुर के महलपारा के साथ-साथ नवगई गांव में भी निवास है।

विवाद की तात्कालिक वजह मंगलवार दोपहर को हुई एक घटना बनी, जब मृतक पक्ष के एक सदस्य ने दूसरे पक्ष के एक युवक (जो मुख्य आरोपी का भतीजा बताया जा रहा है) के साथ मारपीट कर दी थी। इस मारपीट के बाद से ही दोनों गुटों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था, जिसने रात होते-होते इस भयावह हत्याकांड का रूप ले लिया।

​कौन थे भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह?

​मृतक भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह बैकुंठपुर और सोनहत विधानसभा क्षेत्र के बेहद रसूखदार, रसूख वाले और प्रभावशाली राजनेता माने जाते थे। वे पूर्व में सोनहत जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। राजनीतिक गलियारों में उनकी मजबूत पकड़ थी; वे पहले छत्तीसगढ़ के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री स्वर्गीय रामचंद्र सिंहदेव के बेहद करीबी सिपहसालार रहे थे और वर्तमान में वे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से सक्रिय रूप से जुड़े हुए थे।

लल्ला सिंह क्षेत्र के बड़े ठेकेदारों में गिने जाते थे और उनका क्रशर का बड़ा कारोबार भी था। हाल ही में उनके भतीजे को क्षेत्र में एक रेत की खदान का ठेका मिला था, जिसे लेकर स्थानीय माफिया और दूसरे पक्ष के लोग लगातार विरोध और विवाद कर रहे थे।

​सरगुजा आईजी पहुंचे मौके पर, 4 आरोपी गिरफ्तार, भारी फोर्स तैनात

​इस वीभत्स हत्याकांड की खबर फैलते ही पूरे छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक और राजनीतिक महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी (IG) देर रात ही खुद भारी पुलिस बल के साथ ग्राउंड जीरो यानी नवगई गांव पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधीक्षकों के साथ मिलकर घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।

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​मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। आईजी के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी करते हुए इस मामले के चार मुख्य संदेहियों/आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात के बाद से पूरे सोनहत और बैकुंठपुर इलाके में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है।

किसी भी अप्रिय स्थिति या जवाबी हिंसा को रोकने के लिए गांव और आसपास के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल और सशस्त्र जवानों को तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही सभी दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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