देहरादून।
देहरादून जिले के सहसपुर थाना अंतर्गत बैरागीवाला (विकासनगर) गांव में शनिवार को खेत में पानी लगाने के मामूली विवाद में भाजपा नेता विनोद कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया और रविवार को गांव हिंसा की आग में झुलस उठा. भारी हंगामा, पथराव और आगजनी के बीच गांव का सामाजिक ताना-बाना पूरी तरह बिखर गया है.
दहशत के इस माहौल में गांव के करीब 25 से अधिक मुस्लिम परिवार रातों-रात अपने घरों पर ताले लगाकर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं, जबकि स्थानीय मस्जिद पर भी ताला लटक गया है.
क्या था पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार को बैरागीवाला गांव में ट्यूबवेल से खेत में पानी छोड़ने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था. यह विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जब दूसरे समुदाय के करीब 40 लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों के साथ भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी विनोद कुमार और उनके भाइयों अशोक व राजेश पर हमला बोल दिया.
आरोप है कि हमलावरों में शामिल अमन नाम के युवक ने भाजपा नेता विनोद के सिर पर हथौड़े से तीन बार जोरदार वार किया. इस हमले में विनोद और उनके दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान विनोद कुमार ने दम तोड़ दिया. उनके दोनों भाइयों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है.
रविवार को भड़की हिंसा: आगजनी और पथराव
भाजपा नेता की मौत की खबर फैलते ही रविवार सुबह बैरागीवाला गांव में बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एकत्र हो गए. उग्र भीड़ ने आरोपियों के घरों पर तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई की मांग करते हुए सुबह 10 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था.
तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई न होने से आक्रोशित भीड़ बेकाबू हो गई. प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के दो मकानों को आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. स्थिति को संभालने पहुंची पुलिस टीम पर भी उग्र भीड़ ने पथराव कर दिया. हालात इस कदर बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा.
गांव से पीछे हटने के बाद प्रदर्शनकारियों ने दून-पांवटा साहिब हाईवे को पत्थर बिछाकर पूरी तरह जाम कर दिया, जहाँ पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक चलती रही. इस दौरान कुछ वाहनों को भी फूंक दिया गया.
प्रशासन का एक्शन: अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. तनाव को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) की कंपनियों को तैनात किया गया.
इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य आरोपियों के अवैध निर्माणों को चिन्हित किया. रविवार दोपहर से शाम के बीच प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्य आरोपियों की दो दुकानों और एक आलीशान मकान को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह जमींदोज (ध्वस्त) कर दिया गया.
दहशत का साया: बंद पड़े मकान और पसरा सन्नाटा
भले ही पुलिस ने सूझबूझ से मस्जिद की ओर बढ़ रही भीड़ को रोक लिया और इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया, लेकिन स्थानीय लोगों के मन से डर गायब नहीं हुआ है. रविवार रात से ही गांव के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में सन्नाटा पसरा हुआ है.
असुरक्षा की भावना के कारण लगभग 25 से अधिक परिवार आनन-फानन में अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं.
कई घरों में जल्दबाजी में ताले भी नहीं लग पाए. गलियों में केवल सुरक्षाकर्मियों के जूतों की आवाजें गूंज रही हैं और बचे हुए लोग किसी भी अनजान आहट पर खिड़कियों से झांककर माहौल का जायजा ले रहे हैं.
मुख्य आरोपी अभी भी फरार, पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश
इस हत्याकांड के संबंध में पुलिस ने मृतक के भाई अशोक कुमार की तहरीर पर मुख्य आरोपी मासूम, उसके बेटों रज्जाक, अमन, जावेद और रिश्तेदारों समेत करीब 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या (IPC/BNS की सुसंगत धाराओं) का मुकदमा दर्ज किया है.
कोतवाली प्रभारी प्रदीप रावत और सीओ सहसपुर अनुज कुमार ने बताया कि वारदात में शामिल रज्जाक, जावेद, सलमान और शहबाज को रविवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि सोमवार को एक और नामजद आरोपी इम्तियाज को भी पुलिस ने दबोच लिया है.
हालांकि, विनोद के सिर पर हथौड़े से वार करने वाला मुख्य आरोपी अमन अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस उसकी और अन्य 7 नामजद आरोपियों की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है. इसके अलावा, वीडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी फुटेज के जरिए अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है. फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस व आईटीबीपी लगातार फ्लैग मार्च कर रही हैं.








