नैनीताल/भवाली:
उत्तराखंड की पावन देवभूमि में स्थित विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्र ‘कैंची धाम’ में आज सुबह से ही भक्ति और अगाध श्रद्धा का एक अलौकिक नजारा देखने को मिल रहा है। महान संत बाबा नीब करौरी महाराज के पावन जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर सुबह ठीक 5 बजकर 5 मिनट पर जैसे ही मंदिर के मुख्य कपाट खोले गए, वैसे ही देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं का हुजूम बाबा के दर्शनों के लिए उमड़ पड़ा। ‘बाबा नीब करौरी महाराज की जय’ और ‘जय पवनसुत हनुमान’ के गगनभेदी उद्घोषों के साथ पूरी शिप्रा घाटी भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गई है।
मेले की पूर्व संध्या से ही कैंची धाम और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आस्था का आलम यह था कि हजारों भक्तों ने कड़कड़ाती ठंड और खुले आसमान के नीचे सड़कों पर ही पूरी रात जागकर गुजारी और बाबा की भक्ति में लीन रहकर हनुमान चालीसा का अनवरत पाठ किया। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, कपाट खुलने के पहले ही घंटे में लगभग 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा के दिव्य विग्रह के दर्शन कर चुके थे और यह सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है।
दिव्य मालपुए का प्रसाद पाकर धन्य हुए श्रद्धालु
कैंची धाम स्थापना दिवस और बाबा के जन्मोत्सव पर यहाँ आने वाले हर श्रद्धालु के लिए ‘मालपुए’ का विशेष प्रसाद तैयार किया जाता है। सुबह कपाट खुलने के बाद पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिसके तुरंत बाद मुख्य परिसर में भक्तों को मालपुए का प्रसाद वितरित करना शुरू कर दिया गया। मान्यता है कि बाबा के इस पावन प्रसाद को ग्रहण करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है। लाइन में लगे बुजुर्गों, युवाओं और विदेशी सैलानियों के चेहरों पर बाबा के दर्शन पाने और प्रसाद ग्रहण करने की तड़प व संतोष साफ देखा जा सकता है।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम: पैरामिलिट्री फोर्स और भारी पुलिस बल तैनात
इस वर्ष कैंची धाम मेले में उमड़ने वाली रिकॉर्ड तोड़ भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के बेहद कड़े और अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। हाल ही में हुई कुछ छिटपुट घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। मेले की सुरक्षा कमान केवल स्थानीय पुलिस के भरोसे नहीं है, बल्कि पैरामिलिट्री फोर्स (अर्धसैनिक बलों) को भी जमीन पर उतारा गया है।
मेला क्षेत्र की सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सहायता के लिए 1500 से अधिक पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद हैं। इस महामेले को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए नैनीताल जिले के अलावा अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के एसपी-एसएसपी और कई उपजिलाधिकारियों (SDMs) को विशेष रूप से तैनात किया गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाली कमान, सड़कों पर भंडारों पर रोक
श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए नैनीताल जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने स्वयं मेला शुरू होने से पहले की रात को पूरे क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया और अंतिम तैयारियों को हरी झंडी दी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने तो पूरी रात कैंची धाम में ही कैंप किया और पल-पल की व्यवस्थाओं की स्वयं मॉनिटरिंग की।
इस बार भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) को देखते हुए प्रशासन ने कुछ कड़े और महत्वपूर्ण फैसले भी लिए हैं। भवाली से लेकर कैंची धाम तक मुख्य सड़क के किनारे अस्थाई फड़, खोखे लगाने और किसी भी प्रकार के सार्वजनिक भंडारों के आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क पर होने वाले अतिक्रमण को रोकना और पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्ता साफ रखना है ताकि किसी भी प्रकार की भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।
देश-विदेश से पहुंचे मशहूर वीआईपी और आम श्रद्धालु
बाबा नीब करौरी महाराज के प्रति आस्था केवल भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कोने-कोने में उनके भक्त फैले हैं। जन्मोत्सव के इस भव्य अवसर पर कॉर्पोरेट जगत की बड़ी हस्तियों, राजनेताओं और बॉलीवुड कलाकारों के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप से आए विदेशी नागरिक भी आम भक्तों की तरह कतारों में खड़े नजर आए। सभी भक्त बिना किसी भेद-भाव के बाबा के भजनों और कीर्तनों की धुन पर झूमते दिखे।
प्रशासन ने वाहनों की पार्किंग के लिए भवाली और सैनिटोरियम के पास विशेष इंतजाम किए हैं, जहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा के जरिए मंदिर के नजदीक तक लाया जा रहा है। बाबा के जन्मोत्सव का यह महापर्व श्रद्धा, संयम और अनुशासन की एक अनूठी मिसाल पेश कर रहा है।








