अल्मोड़ा/देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों पर अब कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी ने दोहरी मार दी है. केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल गैस की दरों में किए गए एकमुश्त इजाफे के बाद अल्मोड़ा समेत पूरे प्रदेश के व्यापारियों में चिंता की लहर दौड़ गई है. 19 किलो के सिलिंडर की कीमत अब 3000 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है, जिससे छोटे कारोबारियों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है.
सिलिंडर की कीमतों में भारी उछाल
सरकार द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, कमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमतों में भारी वृद्धि की गई है. अल्मोड़ा में अब कारोबारियों को एक सिलिंडर के लिए अतिरिक्त 993 रुपये खर्च करने होंगे.
- 19 किलो का सिलिंडर: पहले जो सिलिंडर ₹2194 में उपलब्ध था, उसकी कीमत अब बढ़कर ₹3187 हो गई है.
- 5 किलो का नया कनेक्शन: इसकी कीमत भी ₹1554 से बढ़ाकर ₹1795.50 कर दी गई है.
- 5 किलो सिलिंडर रीफिल: रीफिलिंग की दर भी ₹610 से बढ़कर ₹851 पर पहुंच गई है.
आम आदमी की जेब पर पड़ेगा बोझ
गैस के दामों में हुई इस बेतहाशा वृद्धि का सीधा असर अब ग्राहकों की जेब पर पड़ने लगा है. होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि लागत बढ़ने के कारण अब खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गई है.
- चाय और नाश्ता: बाजार में 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये तक पहुंच गई है.
- भोजन की थाली: पहले जो भोजन थाली 80 से 100 रुपये में उपलब्ध थी, उसके दाम अब 120 से 140 रुपये तक पहुंच गए हैं.
- फास्ट फूड: समोसा, मोमोज, चाउमीन, पिज्जा और बर्गर जैसे आइटम्स में भी 10 से 15 रुपये की बढ़ोतरी देखी जा रही है.
- मिठाइयां: मिठाई के शौकीनों को भी अब अधिक जेब ढीली करनी होगी, क्योंकि मिठाइयों के दामों में 50 से 100 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा हुआ है.
व्यापारियों की व्यथा: बंद होने की कगार पर छोटे ढाबे
अल्मोड़ा के स्थानीय व्यापारियों और रेस्टोरेंट संचालकों ने इस वृद्धि पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है. कारखाना बाजार के रेस्टोरेंट संचालक अनिल कुमार भट्ट और दीप तिवारी का कहना है कि गैस महंगी होने से न केवल लागत बढ़ी है, बल्कि ग्राहकों की संख्या में भी कमी आने की संभावना है.
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुशील साह ने बताया कि पहाड़ों में परिवहन लागत पहले से ही अधिक है और संसाधन सीमित हैं. ऐसे में गैस की कीमतों में लगभग एक हजार रुपये की वृद्धि स्थानीय व्यापारियों के लिए कमर तोड़ने वाली साबित हो रही है. कई छोटे कारोबारियों के सामने अब अपना काम बंद करने की नौबत आ गई है.
निष्कर्ष
पर्यटन सीजन से पहले गैस की कीमतों में हुई इस वृद्धि ने उत्तराखंड के पर्यटन और आतिथ्य सत्कार (Hospitality) क्षेत्र को बड़ा झटका दिया है. यदि सरकार ने जल्द ही इन कीमतों पर नियंत्रण नहीं पाया या व्यापारियों को राहत नहीं दी, तो आने वाले दिनों में आम जनता के लिए बाहर खाना खाना एक महंगा सौदा बन जाएगा.







