बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। शहर के एक पेइंग गेस्ट (PG) आवास में रविवार की रात अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पीजी में रह रही युवतियों को बाहर निकलने का रास्ता तक नहीं मिला। अपनी जान बचाने के लिए करीब 50 युवतियों को बिल्डिंग की चौथी मंजिल से नीचे कूदना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देख किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं।
ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई चिंगारी ने धारण किया विकराल रूप
अग्निशमन विभाग और स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत रविवार रात ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक LED बैनर की दुकान से हुई। बताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट के कारण दुकान में रखे ज्वलनशील पदार्थों ने तुरंत आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग ने पास ही स्थित चार मंजिला पीजी (PG) की इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।
चूंकि आग ग्राउंड फ्लोर पर लगी थी, इसलिए ऊपर की मंजिलों पर रह रही युवतियों के लिए नीचे उतरने वाली सीढ़ियां पूरी तरह धुएं और आग की लपटों से घिर चुकी थीं। बिल्डिंग के भीतर दम घुटने वाली स्थिति पैदा हो गई और बाहर निकलने का कोई रास्ता न देख युवतियों में चीख-पुकार मच गई।
जान बचाने के लिए चौथी मंजिल से लगाई छलांग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब आग की लपटें ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने लगीं और कमरे धुएं से भर गए, तो युवतियों के पास कोई विकल्प नहीं बचा। दहशत के माहौल में अपनी जान बचाने के लिए लड़कियां बालकनी और खिड़कियों की ओर भागीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे युवतियां एक-एक करके चौथी मंजिल से नीचे कूद रही हैं।
नीचे खड़े स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए चादरें और गद्दे फैला दिए ताकि कूदने वाली युवतियों को गंभीर चोट न आए। कई युवतियां पाइपों के सहारे लटककर नीचे उतरने की कोशिश करती भी नजर आईं।
मची अफरा-तफरी, रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे लोग
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और बिल्डिंग में फंसी अन्य लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि इतनी भयानक आग और इतनी ऊंचाई से कूदने के बावजूद किसी की जान नहीं गई। कुछ युवतियों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
जांच के घेरे में बिल्डिंग की सुरक्षा व्यवस्था
इस घटना ने एक बार फिर रिहाइशी इलाकों में चल रहे पीजी और व्यावसायिक दुकानों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब इस मामले की गहनता से जांच कर रहा है कि:
- क्या पीजी बिल्डिंग के पास आवश्यक फायर एनओसी (Fire NOC) थी?
- क्या बिल्डिंग में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की व्यवस्था थी?
- एक रिहाइशी इमारत के नीचे कमर्शियल दुकान (LED बैनर शॉप) को अनुमति कैसे दी गई?
अधिकारियों का कहना है कि अगर सुरक्षा मानकों में कोताही पाई गई, तो पीजी मालिक और दुकान संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
हादसे के बाद से ही घटनास्थल के कई वीडियो इंटरनेट पर वायरल हैं। लोग स्थानीय नागरिकों की बहादुरी की तारीफ कर रहे हैं जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर लड़कियों को नीचे गिरने से बचाया। वहीं, दूसरी ओर लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बेंगलुरु जैसे भीड़भाड़ वाले शहर में पीजी की सुरक्षा ऑडिट की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
बेंगलुरु की यह घटना एक बड़ी चेतावनी है। संकरी गलियों और बिना फायर सेफ्टी के चल रहे पीजी हजारों छात्रों और कामकाजी युवाओं की जान जोखिम में डाल रहे हैं। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह महज एक चमत्कार ही था। प्रशासन को अब नींद से जागकर अवैध रूप से चल रहे ऐसे पीजी पर नकेल कसनी होगी।










