देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। शहर में गैर-हिंदू युवकों द्वारा अपनी पहचान छिपाकर युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने और उनके साथ अभद्रता करने के एक के बाद एक तीन गंभीर मामले सामने आए हैं। इन मामलों में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया है। घटना के बाद से शहर के स्थानीय निवासियों और परिजनों में भारी आक्रोश है।
मामला 1: पलटन बाजार के रेस्टोरेंट में जन्मदिन के बहाने अश्लीलता
सबसे प्रमुख घटना राजधानी के व्यस्ततम पलटन बाजार इलाके की है। जानकारी के अनुसार, पौड़ी और टिहरी गढ़वाल की दो युवतियां देहरादून में रहकर अपनी पढ़ाई कर रही हैं। बुधवार रात चार मुस्लिम युवकों ने कथित तौर पर अपना नाम बदलकर इन युवतियों को एक रेस्टोरेंट में जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाया।
रेस्टोरेंट में मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपी युवक युवतियों के चेहरे पर केक लगाने के बहाने उनके साथ छेड़छाड़ और गलत हरकतें कर रहे थे। वहां मौजूद अन्य परिवारों ने जब इस व्यवहार का विरोध किया, तो मामला बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना बजरंग दल के कार्यकर्ता विकास वर्मा को दी।
पहचान का खुलासा:
जब बजरंग दल की टीम मौके पर पहुंची और युवकों से पूछताछ की, तो उन्होंने अपनी पहचान ‘सौरभ’ (निवासी नजीबाबाद) और ‘रमेश’ के रूप में बताई। हालांकि, संदेह होने पर जब पुलिस को बुलाया गया और कड़ाई से पूछताछ हुई, तो पता चला कि चारों युवक मुस्लिम समुदाय से थे और गलत नाम बताकर युवतियों को गुमराह कर रहे थे। पुलिस ने चारों को तत्काल हिरासत में ले लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित युवतियों में से एक की हाल ही में सगाई हुई थी और जल्द ही उसकी शादी होने वाली थी।
मामला 2: सहस्रधारा रोड पर बेहोशी की हालत में युवती बरामद
दूसरी घटना सहस्रधारा रोड स्थित एक गेस्ट हाउस के पास की है। यहाँ कादिर खान नामक एक युवक को बजरंग दल की टीम ने एक हिंदू युवती के साथ पकड़ा। आरोपी ने अपनी कलाई पर ‘कलावा’ (हिंदू धार्मिक धागा) बांध रखा था ताकि उसकी पहचान पर कोई शक न करे।
बताया जा रहा है कि कादिर युवती को ऑटो में लेकर आ रहा था। ऑटो चालक को युवक की गतिविधियों पर संदेह हुआ, क्योंकि उसने युवती को पानी के साथ कोई संदिग्ध दवाई खिलाई थी, जिसके बाद युवती बेहोश होने लगी थी। ऑटो चालक की सतर्कता से बजरंग दल को सूचना मिली। पूछताछ में पता चला कि युवक जन्मदिन मनाने के बहाने युवती को वहां लाया था। पुलिस अब इस मामले में नशीले पदार्थ के इस्तेमाल के एंगल से भी जांच कर रही है।
मामला 3: क्लेमेनटाउन में देर रात घर में घुसा युवक
तीसरी घटना क्लेमेनटाउन क्षेत्र की है, जहाँ देर रात एक युवक को एक युवती के घर में अनधिकृत रूप से घुसते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पकड़े गए युवक ने शुरुआत में अपना नाम ‘शानू’ बताया, लेकिन तलाशी और सख्ती के बाद उसकी पहचान शाकिब के रूप में हुई। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। स्थानीय लोगों ने आरोपी की इस हरकत पर कड़ी आपत्ति जताते हुए क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस और प्रशासन का रुख
देहरादून शहर कोतवाली पुलिस ने सभी मामलों में तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को हिरासत में लिया है और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया:
”युवतियों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। हम मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं कि क्या यह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा है या व्यक्तिगत स्तर पर की गई हरकतें। शहर की शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
सामाजिक संगठनों की चेतावनी
बजरंग दल के पदाधिकारियों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों से पढ़ने आने वाली मासूम युवतियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने होटल और रेस्टोरेंट मालिकों से भी अपील की है कि वे अपने संस्थानों में असामाजिक गतिविधियों पर नजर रखें और संदिग्ध पहचान वाले लोगों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
निष्कर्ष: सुरक्षा और जागरूकता की आवश्यकता
देहरादून की ये घटनाएं समाज के लिए एक चेतावनी हैं। अपनी पहचान छिपाकर मित्रता करना और फिर नशीले पदार्थों या अभद्रता का सहारा लेना एक गंभीर अपराध है। अभिभावकों और छात्राओं को भी सोशल मीडिया और नए मित्रों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन के लिए अब चुनौती यह है कि वह बाहरी राज्यों से आने वाले व्यक्तियों के सत्यापन (Verification) को और अधिक सख्त बनाए ताकि ‘देवभूमि’ की मर्यादा और सुरक्षा कायम रहे।









