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सैलानियों के लिए अब मसूरी तक पहुंचने का रास्ता सुरंगों से होकर होगा, 42 किमी लंबा टू-लेन हाईवे बनेगा; यात्रा का अनुभव होगा अद्भुत।

On: February 7, 2026 2:17 PM
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मसूरी की खूबसूरत हिल स्टेशन की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए अब खुशी की बात है, क्योंकि उन्हें जाम और खतरनाक पहाड़ी रास्तों से जल्द ही मुक्ति मिल सकती है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देहरादून से मसूरी के बीच 42 किलोमीटर लंबी दो-लेन हाईवे परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की लागत करीब 3500 करोड़ रुपये होगी और इसमें दो अत्याधुनिक सुरंगों का निर्माण शामिल होगा, जो यात्रा को न केवल तेज, बल्कि सुरक्षित और सुगम बनाएंगी।
दिल्ली, यूपी, हरियाणा के सैलानियों के लिए विशेष लाभ
यह नया हाईवे खासकर उन पर्यटकों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा, जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा जैसे मैदानी क्षेत्रों से मसूरी की यात्रा पर आते हैं। पुराने रास्तों की भीड़ और जाम की समस्या को ध्यान में रखते हुए, यह हाईवे मसूरी जाने के लिए एक नया और सुरक्षित मार्ग प्रदान करेगा। इसके साथ ही, यह देहरादून शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को भी कम करने में मदद करेगा, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए यात्रा आसान होगी।
घंटों के जाम से मुक्ति
मसूरी जाने वाले सैलानियों को अक्सर घंटों के जाम का सामना करना पड़ता था, खासकर छुट्टियों के मौसम में। जाम में फंसी गाड़ियां और खड़ी चढ़ाइयों पर रेंगती गाड़ियां यात्रा को बेहद कष्टकारी बना देती थीं। लेकिन अब, नया हाईवे देहरादून से मसूरी के बीच की यात्रा को पूरी तरह बदल देगा। इस हाईवे के चालू होने पर, सैलानी दो लंबी सुरंगों के माध्यम से सीधे मसूरी पहुंच सकेंगे, जिससे न केवल जाम की समस्या दूर होगी, बल्कि खतरनाक मोड़ों और चढ़ाइयों से भी राहत मिलेगी।
आधुनिक सुरंगें और कम चढ़ाई
इस हाईवे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें दो अत्याधुनिक सुरंगों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से एक सुरंग जार्ज एवरेस्ट पहाड़ियों के नीचे लगभग 2.9 किलोमीटर लंबी होगी, जबकि दूसरी सुरंग मसूरी की पहाड़ियों में लगभग दो किलोमीटर लंबी बनाई जाएगी। इन सुरंगों के निर्माण से चढ़ाई में कमी आएगी, मोड़ों की संख्या घटेगी और भूस्खलन वाले इलाकों से बचते हुए यात्रा तेज और सुरक्षित हो सकेगी।
पर्यावरण और भूगर्भीय परीक्षण
इस परियोजना की संवेदनशीलता को देखते हुए, एनएचएआई ने वाडिया इंस्टीट्यूट को भूगर्भीय परीक्षण की जिम्मेदारी दी है। इस परीक्षण के तहत मिट्टी, पहाड़ और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की वैज्ञानिक जांच की जा रही है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक, सौरभ सिंह के अनुसार, नया हाईवे पूरी तरह से तैयार हो चुका है और सर्वे रिपोर्ट आने के बाद निर्माण कार्य की अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मैदानी राज्यों से यात्रा करने वाले सैलानियों को मिलेगा सीधा मार्ग
गर्मियों के महीनों में, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ से आने वाले सैलानियों को मसूरी पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। चढ़ाई के दौरान सैलानियों को चार से पांच घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ता था। नया हाईवे झाझरा से शुरू होकर सुरंगों के रास्ते से सीधे लाइब्रेरी चौक तक पहुंचेगा, जिससे पर्यटकों को देहरादून शहर में प्रवेश किए बिना मसूरी तक पहुंचने का रास्ता मिलेगा।
दून शहर में जाम से मिलेगी राहत
नए हाईवे के निर्माण से सबसे बड़ा फायदा देहरादून शहर को होगा। फिलहाल, अधिकांश पर्यटक उसी पुराने मार्ग से मसूरी पहुंचते हैं, जो शहर की तंग सड़कों को जाम से भर देता है। अब नया हाईवे बनने के बाद, बड़ी संख्या में वाहन सीधे लाइब्रेरी चौक तक पहुंचेंगे, जिससे दून की भीतरी सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही सुगम हो जाएगी।
मानसून में बंद होने वाली समस्या का स्थायी समाधान
एक और बड़ी समस्या जो अक्सर मसूरी जाने वाले यात्रियों को सामना करनी पड़ती थी, वह है पुराने मार्ग का मानसून में बंद होना। दून-मसूरी मुख्य मार्ग और वैकल्पिक किमाड़ी मार्ग हर साल मानसून में क्षतिग्रस्त होकर कई दिनों तक बंद रहते थे। नए सुरंग मार्ग के निर्माण से यह समस्या स्थायी रूप से हल हो जाएगी और पूरे साल निर्बाध यातायात की सुविधा मिलेगी।
इस नई हाईवे परियोजना से मसूरी की ओर यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है, और यह मसूरी की पहुंच को पूरी तरह से बदलकर इसे और अधिक आकर्षक बना देगा।

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