उत्तराखंड में जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से लोगों में डर लगातार बढ़ता जा रहा है। गुलदार और भालुओं की सक्रियता के कारण गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला नैनीताल जिले के धारी तहसील क्षेत्र से सामने आया है, जहां गुलदार के हमले में एक महिला की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार धारी तहसील के तल्ली दिनी गांव में शुक्रवार, 26 दिसंबर की सुबह एक दर्दनाक घटना घटी। ग्राम पंचायत दीनी तल्ली तोक धुरा की निवासी हेमा देवी, पत्नी गोपाल सिंह, सुबह मवेशियों के लिए चारा लेने जंगल की ओर जा रही थीं। बताया जा रहा है कि इसी दौरान घर के पास पहले से घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
हमला इतना अचानक और खतरनाक था कि महिला को संभलने का मौका तक नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हेमा देवी की नजर गुलदार पर पड़ गई थी और उन्होंने शोर मचाकर खुद को बचाने की कोशिश भी की। आसपास के लोगों ने पत्थर भी फेंके, लेकिन गुलदार महिला को घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और जंगल में महिला की तलाश शुरू की। काफी देर तक खोजबीन के बाद जंगल के अंदर हेमा देवी का शव बरामद हुआ। इस घटना से गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल फैल गया है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। वन विभाग ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने गुलदार को जल्द पकड़ने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
गौरतलब है कि इससे पहले पौड़ी गढ़वाल जिले में भी गुलदार के हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे वहां के लोगों में भी वन विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली थी। वहीं चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक में भालुओं के आतंक से लोग दहशत में हैं। बीते दिनों अलग-अलग घटनाओं में भालुओं ने तीन स्कूली बच्चों पर हमला किया था।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर उत्तराखंड में मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है।






