अल्मोड़ा बागेश्वर चमोली चम्पावत देहरादून हरिद्वार नैनीताल पौड़ी गढ़वाल पिथौरागढ़ रुद्रप्रयाग टिहरी गढ़वाल उधम सिंह नगर उत्तरकाशी

बांग्लादेश में दंगे: भीड़ ने प्रोथोम आलो अखबार का दफ्तर जलाया, 27 साल में पहली बार अप्रोथोम आलो अखबारखबार नहीं छपा

On: December 20, 2025 5:52 AM
Follow Us:

बांग्लादेश एक बार फिर गंभीर हिंसा और राजनीतिक उथल-पुथल की चपेट में है। राजधानी ढाका में भड़के उग्र प्रदर्शनों के दौरान दंगाइयों ने देश के प्रमुख मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया। इस हिंसा में बांग्लादेश के प्रतिष्ठित दैनिक प्रोथोम आलो के दफ्तर को आग के हवाले कर दिया गया, जिसके चलते अखबार को 27 वर्षों के इतिहास में पहली बार अपना प्रिंट संस्करण प्रकाशित नहीं करना पड़ा।
हत्या के बाद भड़का जनआक्रोश, सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी
दरअसल, शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोग ढाका की सड़कों पर उतर आए और कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। इसी दौरान उग्र भीड़ के एक हिस्से ने कारवान बाजार स्थित प्रोथोम आलो के कार्यालय को निशाना बनाया और इमारत में तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी।
पत्रकारों की जान पर बन आई, किसी तरह बचकर निकले
घटना के समय अखबार के दफ्तर में पत्रकार अगले दिन के अखबार और डिजिटल कंटेंट पर काम कर रहे थे। अचानक हुए इस हमले से अफरातफरी मच गई। किसी तरह जान बचाकर पत्रकारों को इमारत से बाहर निकलना पड़ा।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अखबार के संपादक ने बताया कि बदमाशों ने दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की और आगजनी की, जिसके कारण कर्मचारियों को तुरंत वहां से भागना पड़ा।
प्रिंट और डिजिटल दोनों प्लेटफॉर्म ठप
संपादक ने बताया कि हमले के बाद प्रोथोम आलो का प्रिंट संस्करण प्रकाशित नहीं हो सका, जबकि अखबार का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी बीती रात से बंद है। उन्होंने कहा,
“1998 में स्थापना के बाद से यह पहली बार है जब हम अपना अखबार प्रकाशित नहीं कर पाए। यह हमारे लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मीडिया जगत के लिए एक बेहद काली रात है।”
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला
अखबार के एग्जीक्यूटिव एडिटर सज्जाद शरीफ ने इस घटना को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की आज़ादी पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों की पहचान की जाए और उन्हें सख्त सज़ा दी जाए।
पत्रकारिता के इतिहास में काली रात
सज्जाद शरीफ ने कहा कि ढाका के कारवान बाजार स्थित कार्यालय पर हुआ यह हमला बांग्लादेश में स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।
उन्होंने कहा, “यह घटना न केवल हमारे संस्थान पर हमला है, बल्कि पूरे देश की पत्रकारिता पर एक गहरा आघात है।”
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Leave a Comment