चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में आपदा प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। शुक्रवार को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमों ने कुंतरी लगा फाली और सरपाणी क्षेत्र में मलबा हटाते हुए पांच शव बरामद किए। इसके साथ ही यहां का बचाव अभियान पूरा कर लिया गया। प्रशासन ने कुल सात शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है।
अब धुर्मा गांव पर फोकस
प्रशासन अब मोख घाटी के धुर्मा गांव में लापता 78 वर्षीय गुमान सिंह और 38 वर्षीय ममता देवी की तलाश में जुटा है। रेस्क्यू अभियान को और तेज करने के लिए अतिरिक्त टीमों को लगाया गया है। मौसम साफ रहने और बारिश न होने से राहत कार्यों में तेजी आई है। हालांकि, आपदा प्रभावित गांवों के लोग अभी भी भय और अनिश्चितता के कारण रात में जागकर समय काट रहे हैं।
दो दिन से DM और SP मौके पर
जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी और पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार लगातार दो दिनों से मौके पर डटे हुए हैं और हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। रेस्क्यू दल सुबह से ही क्षतिग्रस्त मकानों से मलबा हटाने में लगे रहे। इस दौरान कुंतरी लगा सरपाणी निवासी भागा देवी, कुंतरी लगा फाली निवासी कांता देवी, विकास, विशाल और देवेश्वरी देवी के शव बरामद किए गए।
आठ लोग थे लापता, एक जीवित निकला
गौरतलब है कि इस आपदा में कुंतरी लगा फाली और सरपाणी से कुल आठ लोग लापता हुए थे। बीते दिन जगदंबा प्रसाद और नरेंद्र सिंह के शव बरामद किए गए थे। वहीं, कुंवर सिंह को रेस्क्यू टीम ने 16 घंटे बाद मलबे से जीवित बाहर निकाल लिया था। फिलहाल उन्हें बेहतर इलाज के लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है और उनकी स्थिति में सुधार है। हालांकि वे बार-बार अपनी पत्नी और बच्चों के बारे में पूछ रहे हैं।
सड़क बहाली और हेली सेवा से राहत
जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा के दौरान पूरी तरह ध्वस्त हुई सेरा-धुर्मा सड़क को दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है। साथ ही पैदल मार्ग भी बहाल किए जा रहे हैं ताकि प्रभावितों तक तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। प्रशासन ने हेली सेवा के माध्यम से धुर्मा गांव में खाद्य पैकेट और राशन किट भेजी हैं, जिससे किसी परिवार को भोजन या जरूरी सामान की कमी न हो।
राहत शिविरों का निरीक्षण
DM और SP ने मरिया आश्रम और बरातघर में बनाए गए राहत शिविरों का भी निरीक्षण किया। मरिया आश्रम में 60 लोग और बरातघर शिविर में 24 आपदा पीड़ित ठहराए गए हैं। अधिकारियों ने प्रभावितों से भोजन, रहने और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी जिम्मेदारी के साथ उनकी देखभाल कर रहा है।
विभागों का समन्वय और सरकार का भरोसा
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ राहत और पुनर्वास कार्यों में लगे हैं। सड़कों और संपर्क मार्गों की बहाली, प्रभावितों तक भोजन व दवाइयां पहुंचाने और पुनर्वास के प्रयासों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार और प्रशासन हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ा है।
मौके पर मौजूद अधिकारी
इस दौरान आपदा प्रभावित क्षेत्र में एसडीएम आर.के. पांडेय, एसडीएम सोहन सिंह रांगण, पुलिस उपाधीक्षक अमित कुमार सैनी, तहसीलदार दीप्ति शिखा सहित कई जिलास्तरीय और तहसील स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे और राहत कार्यों में जुटे रहे।
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