हरिद्वार वन विभाग की टीम ने ग्राम खंजरपुर में अवैध रूप से संचालित सर्प विष संग्रहण केंद्र पर मंगलवार को छापा मारा। छापे में 70 कोबरा और 16 रसल वाइपर प्रजाति के जहरीले सांप जब्त किए गए। ये दोनों प्रजातियां भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 (संशोधित 2022) की अनुसूची-1 में संरक्षित हैं।
जानकारी में आया कि यह केंद्र नितिन कुमार के नाम पर संचालित हो रहा था। उन्हें ज्वालापुर के ग्राम बिशनपुर में दिसंबर 2022 में एक वर्ष के लिए सशर्त अनुमति मिली थी, जो दिसंबर 2023 में समाप्त हो चुकी थी। इस समय उनके पास कोई वैध अनुमति नहीं थी। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए, विभाग ने केंद्र के प्रतिनिधि विष्णु की मौजूदगी में सभी सांप कब्जे में लिए।
वन विभाग ने भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में हरिद्वार वन प्रभाग के उप प्रभागीय वनाधिकारी रुड़की सुनील बलूनी, वन क्षेत्राधिकारी रुड़की विनय राठी, राजाजी टाइगर रिजर्व के उप निदेशक अजय लिंगवाल, सुरक्षा बल और पीपुल फॉर एनिमल्स संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे।






