व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर आया धमकी भरा संदेश
मुंबई पुलिस को गुरुवार को ट्रैफिक कंट्रोल रूम के व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर पर एक संदिग्ध संदेश मिला। इस मैसेज में दावा किया गया कि 14 आतंकी 400 किलो आरडीएक्स के साथ मुंबई में घुस चुके हैं और 34 वाहनों में बम प्लांट किए गए हैं।
जैसे ही यह संदेश सामने आया, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। मामला सामने आते ही इसे लेकर पुलिस ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया।
क्राइम ब्रांच और ATS जांच में जुटी
धमकी भरा यह संदेश उस वक्त आया है, जब पूरी मायानगरी गणेश उत्सव की रौनक में सराबोर है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू करते हुए मामले की जांच क्राइम ब्रांच और एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) को सौंप दी। दोनों एजेंसियां मिलकर इस धमकी की सच्चाई का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
संदेश में एक संगठन ‘लश्कर-ए-जिहादी’ का नाम भी सामने आया है। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि यह वाकई कोई आतंकी संगठन है या फिर किसी ने अफवाह फैलाने के लिए इस नाम का इस्तेमाल किया है।
त्योहार के बीच सुरक्षा कड़ी
शनिवार को गणेश उत्सव का अंतिम दिन है, जब लाखों श्रद्धालु मूर्तियों के विसर्जन के लिए सड़कों पर उतरेंगे। ऐसे में पुलिस किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतना चाहती।
शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही, कांबिंग ऑपरेशन यानी सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
अफवाहों से बचने की अपील
मुंबई पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। यदि किसी को कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई देती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
कौन है ‘लश्कर-ए-जिहादी’?
जिस संगठन का नाम संदेश में लिया गया है, उसके बारे में अभी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इसकी सच्चाई खंगालने में जुटी है कि यह वास्तव में कोई आतंकी समूह है या सिर्फ दहशत फैलाने के लिए गढ़ा गया नाम।
तकनीकी जांच से सुराग तलाशे जा रहे
साइबर और तकनीकी टीमों को इस मैसेज की पड़ताल का जिम्मा सौंपा गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है।
कुल मिलाकर, धमकी भरा यह संदेश गणेश उत्सव के बीच सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस किसी भी सूरत में शहर की शांति और सुरक्षा से समझौता करने को तैयार नहीं है।
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