फरीदाबाद में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हथनी कुंड बैराज से करीब 2 लाख 38 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद अगले 48 घंटों में जिले में बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है। सिंचाई विभाग के अनुसार यह पानी अगले 72 घंटे में ओखला बैराज तक पहुंच जाएगा।
खतरे के निशान के करीब यमुना
फरीदाबाद की सीमा में यमुना नदी फिलहाल 199.70 मीटर पर बह रही है, जबकि यहां खतरे का निशान 202.30 मीटर पर है। यदि पानी का दबाव बढ़ा तो अगले कुछ ही दिनों में नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है।
प्रशासन की तैयारियां
प्रशासन ने यमुना किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों को पहले ही चेतावनी जारी कर दी है और उन्हें राहत शिविरों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 2023 में आई बाढ़ के अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले ही कदम उठाए हैं।
सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द
उपायुक्त ने जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। साथ ही आदेश दिया गया है कि कोई भी अधिकारी मुख्यालय बिना अनुमति छोड़े नहीं। सभी कर्मचारियों को बाढ़ प्रबंधन और राहत कार्यों में मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़कों और बांधों की मरम्मत
यमुना में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक टीमें जगह-जगह सड़कों और बांधों को मजबूत करने का काम कर रही हैं। मिट्टी डालकर कमजोर हिस्सों को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि किसी भी आपदा से बचाव किया जा सके।









