रुद्रप्रयाग जनपद के बचणस्यू पट्टी के नवासी गांव स्थित प्रसिद्ध मां हरियाली देवी मंदिर से सोने-चांदी के लाखों रुपये के आभूषण चोरी होने का मामला सामने आया है। मंदिर के चार ताले तोड़कर 26 छत्र चोरी किए गए, जिनकी कीमत करीब 15 से 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 14 अगस्त की रात को हुई। सुबह जब ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मंदिर के ताले टूटे हुए हैं और अंदर से बहुमूल्य छत्र व गहने गायब हैं। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत मंदिर के देखरेख करने वाले आलम सिंह और प्रेम सिंह को दी। दोनों ने स्पष्ट किया कि उनके पास मंदिर की चाबी है और किसने ताला तोड़ा, इसकी जानकारी उन्हें भी नहीं है।
ग्रामीणों ने इसके बाद बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचकर चोरी की सूचना पटवारी चौकी जसोली को दी। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उनका कहना है कि यदि पटवारी स्तर पर कार्रवाई संभव नहीं है तो यह केस नियमित पुलिस को सौंपा जाना चाहिए।
स्थानीय लोगों ने इस चोरी की घटना को क्षेत्र की आस्था पर चोट बताया है। मां हरियाली देवी यहां की कुलदेवी मानी जाती हैं और इन्हें वैष्णवी के रूप में पूजा जाता है। नवासी गांव का यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर घने बुरांश और बांज के जंगलों के बीच स्थित है। इसके अलावा गांव के बीच में भी मां हरियाली देवी, सत्यनाथ जी और राजराजेश्वरी के मंदिर एक साथ बने हुए हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह रौथाण ने प्रशासन से मांग की है कि घटना को अंजाम देने वाले चोरों को शीघ्र पकड़ा जाए। वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्य मनमोहन सिंह रौथाण ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी चोरी के बावजूद कार्रवाई न होना चिंताजनक है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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