देहरादून। राजधानी में धोखाधड़ी के दो संगीन मामले सामने आए हैं। पहला मामला केंचुआ खाद व जैविक खाद के व्यवसाय में निवेश का लालच देकर पांच लाख रुपये हड़पने का है, जबकि दूसरे प्रकरण में एक युवक से विदेश भेजने का झांसा देकर 3.20 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने दोनों मामलों में अलग-अलग आरोपितों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जैविक खाद व्यवसाय में निवेश का झांसा, 25 माह तक मासिक किश्त का वादा
नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र निवासी सुनील थपलियाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह रायपुर, नत्थुवावाला गुल्लरघाटी के रहने वाले हैं। कुछ समय पहले सहारनपुर के सुशील कुमार और संजीव कुमार नामक दो व्यक्तियों ने उनसे संपर्क कर जैविक खाद एवं केंचुआ खाद उत्पादन में निवेश करने का प्रस्ताव रखा। दोनों आरोपित जय एग्रो बायो साइंस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से जुड़े बताए गए।
आरोपितों ने दावा किया कि कंपनी के पास खेती योग्य भूमि है, जहां बड़े पैमाने पर केंचुआ पालन व खाद उत्पादन होता है। निवेशकों को लुभाने के लिए यह भी वादा किया गया कि 2.50 लाख रुपये या उससे अधिक निवेश करने पर हर माह 25 हजार रुपये की किश्त अगले 25 माह तक दी जाएगी। शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी ने निवेशकों से अनुबंध किया और सुरक्षा के नाम पर पोस्ट-डेटेड चेक भी जारी किए।
शुरुआत में कुछ निवेशकों को मासिक रकम दी भी गई, लेकिन नवंबर 2024 के बाद से भुगतान पूरी तरह बंद हो गया। इस तरह शिकायतकर्ता समेत अन्य लोगों से कुल पांच लाख रुपये की ठगी कर ली गई। थानाध्यक्ष रायपुर गिरीश नेगी ने पुष्टि करते हुए बताया कि सहारनपुर निवासी दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
विदेश भेजने के नाम पर युवक से 3.20 लाख की ठगी
इसी बीच डालनवाला कोतवाली में भी एक ठगी का मामला दर्ज हुआ है। खटीमा (जिला उधमसिंहनगर) निवासी पंकज धामी ने बताया कि आरोपित राजीव शर्मा, निवासी विजय कॉलोनी हाथीबड़कला, ने उनके भाई को विदेश भेजने का भरोसा दिलाया। जनवरी 2025 में उसने पंकज धामी के पिता पुष्कर सिंह धामी से संपर्क कर क्रोएशिया भेजने का वादा किया और खर्च लगभग 7.50 लाख रुपये बताया।
आरोपित ने यह भी कहा कि वर्क परमिट 45 से 60 दिन के भीतर आ जाएगा और तीन माह के अंदर वीजा मिलने के बाद टिकट बुक कराकर क्रोएशिया भेज देगा। इसी भरोसे पर पीड़ित परिवार ने एग्रीमेंट के अनुसार 3.20 लाख रुपये नकद दिए और सभी आवश्यक दस्तावेज भी जमा करा दिए।
लेकिन तय समय बीत जाने के बाद आरोपित टालमटोल करने लगा और धीरे-धीरे फोन उठाना भी बंद कर दिया। जून में जब पीड़ित परिवार ने पुनः संपर्क किया तो आरोपित ने जल्द भेजने की बात कही, मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब परिजन उसके कार्यालय पहुंचे तो वहां ताला बंद मिला। फोन पर संपर्क होने पर आरोपित की पत्नी ने भी गाली-गलौज कर उन्हें डराने की कोशिश की।
प्रभारी निरीक्षक डालनवाला मनोज मैनवाल ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर राजीव शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों की गहनता से जांच कर रही है।
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