देहरादून से दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले निजी कार चालकों के लिए केंद्र सरकार ने एक खास सुविधा शुरू की है। अब फास्टैग में एकमुश्त ₹3000 का रिचार्ज कराने पर आपको 200 टोल यात्राओं की छूट मिलेगी, जिससे आप इस रूट पर 25 बार आना-जाना कर सकेंगे। यह सुविधा 15 अगस्त से देशभर के सभी एनएचएआई (NHAI) टोल प्लाज़ा पर लागू हो गई है, लेकिन यह केवल निजी कारों के लिए मान्य है।
पहले देहरादून से दिल्ली आने-जाने में लगभग ₹20,250 का टोल खर्च होता था, लेकिन नई योजना के तहत यह यात्रा सिर्फ ₹3000 में पूरी की जा सकेगी। हालांकि, यह छूट एक साल के लिए वैध होगी और इसे किसी दूसरे वाहन पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।
कौन से मार्ग पर कितना टोल लगता है
देहरादून-रुड़की-मुजफ्फरनगर-मेरठ-दिल्ली
करौंदी-भगवानपुर: ₹55
छपार-पुरकाजी: ₹60
सिवाया-दौराला: ₹115
परतापुर (मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे): ₹175
कुल टोल (एक तरफ): ₹405
देहरादून-देवबंद-मुजफ्फरनगर-मेरठ-दिल्ली
सैयद माजरा छुटमलपुर: ₹35
सिवाया-दौराला: ₹115
परतापुर (मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे): ₹175
राज्य राजमार्ग टोल (रोहाना-देवबंद): ₹175 (नकद)
कुल टोल (एक तरफ): ₹500 (जिसमें फास्टैग छूट केवल 3 टोल पर मिलेगी)
देहरादून-हरिद्वार-रुड़की-मुजफ्फरनगर-मेरठ-दिल्ली
लच्छीवाला-डोईवाला: ₹110
बहादराबाद-हरिद्वार: ₹130
छपार-पुरकाजी: ₹60
सिवाया-दौराला: ₹115
परतापुर (मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे): ₹175
कुल टोल (एक तरफ): ₹590
इन मार्गों पर भी आ-जा सकते हैं
देहरादून-छुटमलपुर-देवबंद-मुजफ्फरनगर-मेरठ-दिल्ली
देहरादून-सहारनपुर-शामली-बागपत-दिल्ली (भविष्य का देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे)
देहरादून-सहारनपुर-यमुनानगर-करनाल-दिल्ली
देहरादून-पांवटा साहिब-यमुनानगर-करनाल-दिल्ली (मुख्यतः कांवड़ यात्रा के दौरान उपयोग)
ध्यान रहे, करनाल वाले मार्ग से दिल्ली की दूरी करीब 60 किमी ज्यादा (315 किमी) है, जबकि मेरठ वाले मार्ग से यह दूरी लगभग 256 किमी है।
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर भी छूट
यह सुविधा उन सभी एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर मिलेगी जो एनएचएआई के अधीन हैं। जैसे मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर भी यह छूट लागू होगी। हालांकि, निजी कंपनियों के टोल मार्ग जैसे पैरिफेरल हाईवे या नोएडा-मथुरा-आगरा एक्सप्रेस-वे पर यह ऑफर लागू नहीं होगा।
जरूरी शर्तें
सुविधा सिर्फ उसी वाहन को मिलेगी, जिस पर फास्टैग रजिस्टर्ड हो और विंडशील्ड पर सही तरीके से लगा हो।
चेसिस नंबर पर जारी फास्टैग पर यह योजना लागू नहीं होगी।
वाहन का वीआरएन (Vehicle Registration Number) सक्रिय होना जरूरी है।
यह सुविधा केवल निजी कारों के लिए होगी, व्यावसायिक वाहनों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
योजना की वैधता रिचार्ज की तारीख से एक साल रहेगी।
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