देहरादून: अब प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति की सूचना लोगों तक तुरंत पहुंच सकेगी। जिला प्रशासन ने थानों और चौकियों को अत्याधुनिक इमरजेंसी सायरन सिस्टम से लैस कर दिया है, जो 8 से लेकर 16 किलोमीटर तक की रेंज में चेतावनी संकेत भेजने में सक्षम हैं।
प्रशासन की यह नई पहल जिले में आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम मानी जा रही है। सायरन सिस्टम का सफल ट्रायल पूरा हो चुका है और अब इसकी फाइनल कमीशनिंग प्रक्रिया जारी है।
प्रशासन की नई तकनीकी पहल
जिलाधिकारी सविन बंसल की पहल पर पहली बार देहरादून जिले में लांग रेंज इमरजेंसी सायरन लगाए गए हैं। इस सिस्टम का उद्देश्य है— प्राकृतिक आपदाएं, बाहरी हमले या किसी भी गंभीर स्थिति में आम नागरिकों को तत्काल अलर्ट कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की चेतावनी देना।
13 स्थानों पर सायरन लगाए गए
प्रथम चरण में जिले के 13 प्रमुख थानों और चौकियों पर एडवांस सायरन सिस्टम लगाए गए हैं। इनमें थाना पटेलनगर, राजपुर, डालनवाला, कैंट, कोतवाली, बसंत विहार, बिंदाल चौकी, लक्खीबाग चौकी, पुलिस लाइन, नेहरू कॉलोनी में 8 किमी रेंज और ऋषिकेश, प्रेमनगर, क्लेमेंटाउन व रायपुर में 16 किमी रेंज वाले सायरन स्थापित किए गए हैं।
इन सभी सायरनों को स्थानीय थानों, चौकियों और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से ट्रिगर किया जा सकेगा।
रेपिड कम्युनिकेशन सिस्टम भी होगा स्थापित
सिर्फ सायरन ही नहीं, देहरादून में जल्द ही अत्याधुनिक रेपिड कम्युनिकेशन सिस्टम भी लगाया जाएगा। इसके तहत मिलिट्री, पैरामिलिट्री कैंप, एयरपोर्ट, बड़े अस्पताल और आईएसबीटी जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को एकीकृत अलर्ट सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
1970 के दशक के बाद पहली बार बड़ा बदलाव
देहरादून जिले में पिछली बार 1970 के दशक में सायरन सिस्टम लगाए गए थे, जो अब की बढ़ती आबादी और खतरों के लिहाज से काफी पुराने पड़ चुके थे। अब यह हाईटेक सायरन सिस्टम न सिर्फ रेंज में बेहतर है, बल्कि आधुनिक तकनीक से लैस भी है।
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