बड़कोट। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे स्यानाचट्टी क्षेत्र में यमुना नदी एक बार फिर भयावह रूप में नजर आ रही है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया, जिससे किनारे बसे मकानों और होटलों के निचले हिस्सों में पानी घुस गया। इस घटनाक्रम से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा के उपाय करने की मांग की है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यमुना नदी का प्रवाह गुरुवार रात से ही बेहद डरावना हो चला था। भारी मात्रा में सिल्ट बहकर आने के कारण नदी तल की ऊंचाई काफी बढ़ गई है, जिससे स्याना चट्टी पुल भी खतरे की जद में आ गया है। पानी के दबाव और बहाव ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे पर गंभीर संकट पैदा कर दिया है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यमुना नदी के बिलकुल करीब एक माध्यमिक विद्यालय भी स्थित है, जहां आसपास के गांवों के बच्चे पढ़ाई करते हैं। यदि हालात पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय निवासी गोपाल, पंकज और कुलदीप ने प्रशासन से मांग की है कि यमुना के प्रवाह को नियंत्रित करने, किनारों की सुरक्षा मजबूत करने और प्रभावित घरों को सुरक्षित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो जान-माल के नुकसान की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
जनता को उम्मीद है कि प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए आपदा प्रबंधन की ठोस रणनीति अपनाएगा और किसी भी संभावित अनहोनी को टालने के लिए तेजी से कार्य करेगा।





