देहरादून/हरिद्वार: शुक्रवार से शुरू हो रहे कांवड़ मेले के शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। मेले में किसी भी तरह की अव्यवस्था या अप्रिय घटना से बचाव के लिए लगभग 4000 पुलिसकर्मी और अर्द्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र को सुरक्षा और व्यवस्थाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए 16 सुपर जोन, 37 जोन और 134 सेक्टरों में बांटा गया है।
24 घंटे सक्रिय रहेगा पुलिस हेल्पलाइन नंबर
कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए पुलिस ने विशेष हेल्पलाइन नंबर 91-9520625934 जारी किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि यह नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेगा और इसमें दर्ज होने वाली हर शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा प्राथमिकता में रहेगी।
सभी अधिकारी सतर्क, सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी
एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की गई। बैठक में एडीजी अभिसूचना एपी अंशुमान, आईजी यातायात एनएस नपच्याल, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, हरिद्वार के डीएम मयूर दीक्षित और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
वी. मुरुगेशन ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा बड़ी जिम्मेदारी है और सभी अधिकारियों को मिलकर इसे सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि हर जवान को सतर्क रहना होगा और किसी भी अफवाह को फैलने से पहले ही रोकना जरूरी है। छोटी से छोटी घटना को भी गंभीरता से लें, क्योंकि सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
असामाजिक तत्वों पर नजर, भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर जोर
एडीजी अभिसूचना एपी अंशुमान ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को निर्देशित किया कि असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखें और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों या धार्मिक भावनाएं भड़काने वाले कंटेंट पर तुरंत कार्रवाई करें।
आईजी यातायात एनएस नपच्याल ने कहा कि भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन इस यात्रा के दौरान प्रमुख चुनौती हैं, इसलिए इन पर 24 घंटे निगरानी रखें। किसी भी स्थान पर यातायात बाधित न हो, इसका ध्यान रखा जाए।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने कहा कि हर घटना पर तुरंत कार्रवाई हो और यातायात प्लान को सख्ती से लागू किया जाए। साथ ही सड़क किनारे किसी भी वाहन की पार्किंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में रास्ता अवरुद्ध न हो।
कुल मिलाकर, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां कांवड़ यात्रा के दौरान हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
यह भी पढें- देहरादून में 125 किलो विस्फोटक बरामद, हिमाचल के तीन लोग हिरासत में








