उत्तराखंड के प्रतिष्ठित गांव गुंजी में एक ऐतिहासिक निर्णय सामने आया है। राज्य की पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (IG) विमला गुंज्याल ने ग्राम प्रधान पद के लिए नामांकन दाखिल किया है, और उन्हें निर्विरोध चुना जाना अब लगभग तय माना जा रहा है। गांव के लोगों ने एक स्वर में उन्हें समर्थन देकर यह फैसला लिया, जिसे पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी के साथ देखा जा रहा है।
शुक्रवार की रात गांव की सामूहिक बैठक में विमला गुंज्याल को प्रधान बनाने पर आम सहमति बनी। अन्य संभावित उम्मीदवारों ने भी उनके पक्ष में अपने नाम वापस लेने का निर्णय लिया और इस अवसर को गांव के लिए “गौरव की बात” बताया। यह कदम दर्शाता है कि किस तरह एक अनुभवी और सम्मानित अधिकारी के सामाजिक सेवा में उतरने से ग्रामीण समाज एकजुट हो सकता है।
शनिवार को विमला गुंज्याल ने ग्रामीणों के साथ विकास खंड कार्यालय धारचूला में औपचारिक रूप से नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ व्यास, दारमा और चौदास घाटियों के लोग भी उपस्थित रहे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उनके समर्थन में सिर्फ गुंजी ही नहीं, बल्कि पूरा क्षेत्र है।
विमला गुंज्याल की प्रशासनिक पृष्ठभूमि और समर्पण को देखते हुए ग्रामीणों को विश्वास है कि गांव का समग्र विकास अब और तीव्र गति से होगा। यह उदाहरण न केवल क्षेत्रीय नेतृत्व में बदलाव का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सेवानिवृत्त अधिकारी अपने अनुभव से ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
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