ईरान और इजरायल के बीच जारी टकराव अब अपने सातवें दिन में प्रवेश कर चुका है, और हालात लगातार और गंभीर होते जा रहे हैं। दोनों देशों की ओर से सैन्य कार्रवाई में तेजी आई है, जिससे क्षेत्र में शांति की संभावना फिलहाल धुंधली होती दिख रही है। इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मध्यस्थता की पहल करते हुए दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने गुरुवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी कीमत पर झुकेगा नहीं और यदि उन पर हमला होता है, तो उसका जवाब गंभीर और अपूरणीय क्षति के रूप में दिया जाएगा। दूसरी ओर, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधा अल्टीमेटम दिया है कि या तो वह सरेंडर करे या फिर उसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
ट्रंप ने यह भी संकेत दिए हैं कि अमेरिका ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि उन्होंने अंतिम आदेश पर रोक लगाई है और देखना चाहते हैं कि क्या तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकता है या नहीं। पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका इजरायली हमले में साझेदार बनेगा, ट्रंप ने कहा, “यह हो भी सकता है और नहीं भी।”
तेजी से बदलते इन घटनाक्रमों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब मध्यस्थता प्रयासों पर टिकी हैं। पुतिन की ओर से आई शांति की अपील और अमेरिका की संभावित भूमिका आने वाले दिनों में इस संकट की दिशा तय कर सकती है। हालांकि, फिलहाल जमीन पर हालात तनावपूर्ण हैं और सीजफायर की कोई ठोस संभावना नजर नहीं आ रही।
यह भी पढ़ें : उत्तराखंड में जानलेवा सेल्फी पर रोक, खतरनाक जगहें होंगी नो सेल्फी ज़ोन घोषित











