राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बागेश्वर जिले में तैनात जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (सेवानिवृत्त) सुबोध शुक्ला पर रिश्वत लेने के गंभीर आरोप सामने आने के बाद, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से बर्खास्त करने के निर्देश जारी किए।
सैनिक कल्याण मंत्री ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए विभागीय सचिव को स्पष्ट आदेश दिए कि भ्रष्ट आचरण करने वाले अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। मंत्री के निर्देशों के बाद संबंधित अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त कर दिया गया। यह निर्णय न केवल प्रशासनिक शुचिता की मिसाल है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी।
गणेश जोशी ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर मजबूती से कायम है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से सैनिक कल्याण जैसे संवेदनशील विभाग में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का विश्वास बना रहे।
इस घटना के बाद सरकार ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार चाहे जिस स्तर पर हो, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम जनता और खास तौर पर सेवा-निवृत्त सैनिकों की भलाई के लिए काम कर रहे विभागों में नैतिक मूल्यों का पालन अनिवार्य है, और जो अधिकारी इस पर खरे नहीं उतरते, उनके खिलाफ कार्रवाई तय है।
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