वॉशिंगटन डी.सी. में उस समय सनसनी फैल गई जब कैपिटल यहूदी संग्रहालय के पास गोलीबारी में इस्राइली दूतावास के दो कर्मचारियों की जान चली गई। यह घटना एफबीआई के फील्ड ऑफिस से कुछ ही दूरी पर हुई, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी सचिव क्रिस्टी नोएम ने पुष्टि की कि बुधवार शाम को संग्रहालय के बाहर यह हमला हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारी एक यहूदी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, तभी उन पर नजदीक से गोली चलाई गई।
यूएस में इस्राइली दूतावास की प्रवक्ता ताल नैम ने कहा कि इस घटना ने पूरी यहूदी और इस्राइली समुदाय को हिला कर रख दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि स्थानीय और संघीय एजेंसियां जल्द ही हमलावर को पकड़ लेंगी और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने भी गोलीबारी की पुष्टि करते हुए कहा कि उनकी टीम मेट्रोपॉलिटन पुलिस के साथ मिलकर इस केस की जांच में जुटी है और जनता को समय-समय पर अपडेट दिया जाएगा।
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस घटना को लेकर गहरी संवेदना व्यक्त की और इसे यहूदी-विरोधी कट्टरपंथ का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका में नफरत और कट्टरपंथ के लिए कोई जगह नहीं है, और ऐसी घटनाएं बहुत ही दुखद हैं। उन्होंने पीड़ितों के परिवारों के साथ अपनी सहानुभूति भी जताई।
इस घटना की निंदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र में इस्राइल के राजदूत डैनी डैनन ने इसे यहूदी विरोधी आतंकवाद का घृणित रूप करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें विश्वास है कि अमेरिकी अधिकारी इस अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्राइल अपने नागरिकों और प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा।
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