देहरादून, 2 मई 2025 — उत्तराखंड में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के वन क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म की संभावनाओं का व्यापक रूप से अध्ययन किया जाए और स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
ईको-टूरिज्म गतिविधियों में सामुदायिक सहभागिता पर बल
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड का अधिकांश भू-भाग वन क्षेत्र है, जो ईको-टूरिज्म के लिए अपार संभावनाएं प्रदान करता है। उन्होंने निर्देश दिए कि ईको-टूरिज्म गतिविधियों में स्थानीय समुदायों की सहभागिता बढ़ाई जाए, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलें और पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित हो।
पर्वतारोहण और ट्रेकिंग के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की पहल
पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्वतारोहण और ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों की अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त हो सकेंगी।
एकीकृत वेबसाइट का विकास
मुख्य सचिव ने विभिन्न पर्यटन गतिविधियों की जानकारी प्रदान करने के लिए एक एकीकृत वेबसाइट विकसित करने के निर्देश दिए। इससे पर्यटकों को सभी आवश्यक जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिससे उनकी योजना बनाना आसान होगा।
पर्यटकों की संख्या और राजस्व में वृद्धि का लक्ष्य
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की संख्या और राजस्व में वृद्धि के लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार किया जाए और योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए। इसके अलावा, फॉरेस्ट वॉकिंग, नेचर ट्रेल्स, कैंपिंग साइट्स जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी कदम उठाए जाएं।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. के. सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक (वन पंचायत) श्री बी. पी. गुप्ता, प्रमुख वन संरक्षक श्री रंजन मिश्र, मुख्य वन संरक्षक श्री पी.के. पात्रो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव के इन निर्देशों से स्पष्ट है कि उत्तराखंड सरकार ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय समुदायों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा।








