विकासनगर (देहरादून)।
आसन नदी को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ सहसपुर थाना पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई उत्तराखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत की गई है, जिसके तहत जल स्रोतों को प्रदूषित करने वालों पर कड़ी नजर रखने और कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
हाल ही में पुलिस ने आमजन को जागरूक करते हुए अपील की थी कि वे नदी के जल स्रोतों को प्रदूषित न करें। इसके बावजूद कुछ लोग लापरवाही और मनमानी से बाज नहीं आ रहे थे। बुधवार को सहसपुर थाने के एसएसआई विकास रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम इलाके में नियमित चेकिंग पर थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि ग्राम खुशहालपुर में एक व्यक्ति आसन नदी के जल में कपड़े धोकर उसे प्रदूषित कर रहा है।
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और महबूब नामक व्यक्ति को टेंट में प्रयोग होने वाले कपड़े, दरी, चादर और मैट आदि की धुलाई करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह लंबे समय से नदी के किनारे यह कार्य कर रहा है। मौके पर धुलाई के लिए उपयोग में लाए जा रहे कपड़े और अन्य सामग्री भी बरामद की गई।
यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता की धारा 279 बीएनएस तथा उच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। इसके तहत महबूब के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
उधर, गश्त पर निकले दरोगा मंगेश कुमार ने भी खुशहालपुर में ही एक अन्य व्यक्ति फैयाज को इसी तरह आसन नदी में कपड़े धोते हुए पकड़ा। फैयाज भी टेंट लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कपड़ों की धुलाई नदी में कर रहा था, जिससे जल स्रोत प्रदूषित हो रहा था। पुलिस के अनुसार, यह कार्य जानबूझकर किया जा रहा था और जल स्रोत को स्वेच्छा से गंदा करने की श्रेणी में आता है।
थाना प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट ने पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों व्यक्तियों के खिलाफ जल प्रदूषण और उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की यह कार्रवाई एक सख्त संदेश है कि प्राकृतिक जल स्रोतों को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ अब कोई भी लापरवाही नहीं बरती जाएगी।








