नेपीडॉ: म्यांमार में 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने तबाही मचा दी, जिससे सैकड़ों इमारतें जमींदोज हो गईं। शुक्रवार देर रात 4.2 तीव्रता का एक और झटका महसूस किया गया। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, इस आपदा में 694 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,670 से अधिक लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जोरों पर हैं, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि हताहतों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
म्यांमार के सैन्य प्रशासन ने इस विनाशकारी स्थिति को देखते हुए छह प्रभावित क्षेत्रों में आपातकाल की घोषणा कर दी है। अमेरिकी एजेंसियों ने अनुमान जताया है कि मृतकों की संख्या 10,000 से अधिक हो सकती है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, शुक्रवार रात 11:56 बजे (स्थानीय समय) आए इस भूकंप का केंद्र धरती के 10 किलोमीटर नीचे था।
अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके
इसी बीच, शनिवार सुबह अफगानिस्तान में भी 4.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसका केंद्र 180 किलोमीटर की गहराई पर था। हालांकि, अभी तक वहां किसी भी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है।
थाईलैंड में भी तबाही, बैंकॉक में आपातकाल घोषित
म्यांमार के साथ-साथ थाईलैंड में भी इस भूकंप ने तबाही मचाई। बैंकॉक में 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने बैंकॉक को ‘आपातकालीन क्षेत्र’ घोषित कर दिया है।
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, शुक्रवार को म्यांमार के सागैंग शहर के उत्तर-पश्चिम में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके कुछ ही मिनटों बाद 6.4 तीव्रता का आफ्टरशॉक भी महसूस किया गया।
अंतरराष्ट्रीय सहायता जारी, चीन ने भेजी राहत टीम
म्यांमार में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए चीन ने 37 सदस्यीय आपदा प्रतिक्रिया दल भेजा है। यह टीम भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली, ड्रोन और पोर्टेबल उपग्रहों सहित आपातकालीन बचाव उपकरणों के 112 सेट लेकर पहुंची है।
बैंकॉक में निर्माणाधीन इमारत ढही, कई श्रमिक फंसे
बैंकॉक में भूकंप से एक निर्माणाधीन 30 मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें 43 श्रमिक फंस गए हैं। राहत दल उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान – हम मदद करेंगे
इस प्राकृतिक आपदा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने म्यांमार और अन्य प्रभावित देशों को मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा, “हम प्रभावित क्षेत्रों की हर संभव सहायता करेंगे, क्योंकि यहां की स्थिति गंभीर है। इमारतें ढह गई हैं, पुल टूट चुके हैं और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।”
म्यांमार और थाईलैंड में आए इस भीषण भूकंप से दोनों देशों में तबाही का मंजर है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां राहत कार्यों में जुटी हैं और स्थानीय प्रशासन हरसंभव मदद में लगा हुआ है।
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