देहरादून के राजपुर रोड स्थित प्रतिष्ठित एलोरास बेकरी की दोनों दुकानों में शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि कुछ ही मिनटों में बेकरी के अंदर रखा पूरा सामान जलकर राख हो गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास की दो अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। दमकल विभाग की पांच गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, आग लगने के सही कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है।
आग से बेकरी और आसपास की दुकानें हुई राख
एलोरास बेकरी के प्रबंधक महिपाल ने बताया कि घटना देर रात की है, जब अचानक दुकान में आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे प्रतिष्ठान को अपनी चपेट में ले लिया और बगल की दो अन्य दुकानों तक फैल गई। दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पांच गाड़ियों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। लेकिन तब तक बेकरी में रखा सारा सामान जल चुका था। आसपास की दुकानों को भी इस हादसे में भारी नुकसान हुआ है।
1953 से अब तक की पहचान को लगा झटका
गौरतलब है कि एलोरास बेकरी की स्थापना 1953 में कृष्ण लाल गुलाटी द्वारा की गई थी। राजपुर रोड में एक छोटे से प्रतिष्ठान के रूप में शुरू हुई यह बेकरी आज देहरादून की सबसे प्रतिष्ठित बेकरी में से एक मानी जाती है। धीरे-धीरे इसकी कई शाखाएं खुलीं, जिनमें एलोरा मूवमेंट, मेल्टिंग मोमेंट्स और नेनीज बेकरी जैसी लोकप्रिय बेकरी शामिल हैं। लेकिन इस आगजनी ने सबसे पुराने प्रतिष्ठान को भारी नुकसान पहुंचाया है।
इससे पहले भी आग की चपेट में आ चुकी है बेकरी
यह पहली बार नहीं है जब एलोरास बेकरी में आग लगी हो। अप्रैल 2022 में भी इसी प्रतिष्ठान में भीषण आग लग चुकी थी, जिसमें लाखों का नुकसान हुआ था। तब भी दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था।
फिलहाल नुकसान का आकलन जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। हालांकि, प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक बेकरी और आसपास की दुकानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग इस घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि आग लगने के संभावित कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव किया जा सके।
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