हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। शहर के कुकटपल्ली इलाके में एक 29 वर्षीय महिला ने अपने दो मासूम बेटों की गला घोंटकर हत्या करने के बाद खुद भी मौत को गले लगा लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस खौफनाक कदम के पीछे पति की दूसरी शादी और लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक विवाद मुख्य कारण माना जा रहा है।
मृतकों की पहचान 29 वर्षीय एस. बनोथ श्रावंती, उनके 12 वर्षीय बेटे कार्तिक और 10 वर्षीय बेटे कौशिक के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है।
13 साल पहले हुई थी शादी, दूसरी पत्नी बनी कलह की वजह
पुलिस जांच में सामने आया है कि श्रावंती की शादी करीब 13 साल पहले बोडा प्रवीण नामक व्यक्ति से हुई थी। शुरुआती कुछ वर्षों तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब प्रवीण ने श्रावंती को बताए बिना या उसकी सहमति के बिना किसी दूसरी महिला से शादी कर ली।
पति की दूसरी शादी श्रावंती के लिए गहरा मानसिक आघात थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर तीखी नोकझोंक और झगड़े होते रहते थे। घर का माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया था कि श्रावंती का वहां रहना दूभर हो गया था।
माता-पिता के घर से बुझते मन के साथ लौटी थी श्रावंती
पारिवारिक विवाद और पति के उत्पीड़न से तंग आकर श्रावंती हाल ही में अपने दोनों बच्चों को लेकर वारंगल स्थित अपने मायके चली गई थी। वह अपने माता-पिता के साथ ही रहना चाहती थी, लेकिन सामाजिक दबाव और परिवार के बुजुर्गों के बीच-बचाव के बाद उसे इस उम्मीद में वापस भेजा गया कि शायद प्रवीण का व्यवहार बदल जाए। रिश्तेदारों ने समझा-बुझाकर उसे वापस हैदराबाद भेज दिया, लेकिन उसे क्या पता था कि यह वापसी उसके और उसके बच्चों के जीवन का अंत साबित होगी।
वारदात का खुलासा: जब टूटा घर का दरवाजा
घटना मंगलवार दोपहर की है। बालानगर के एसीपी (ACP) पी. नरेश रेड्डी के अनुसार, श्रावंती का पति प्रवीण दोपहर करीब 1:30 बजे काम से घर लौटा। उसने देखा कि मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बाद भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो प्रवीण को अनहोनी की आशंका हुई।
उसने तुरंत पड़ोसियों को इकट्ठा किया और उनकी मदद से घर का दरवाजा तोड़ा। अंदर का नजारा देखते ही सबके होश उड़ गए। श्रावंती और उसके दोनों बच्चे बेसुध पड़े थे। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई, जो दोपहर करीब 2:30 बजे मौके पर पहुंची। डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
कुकटपल्ली की डीसीपी (DCP) रीति राज ने मीडिया को बताया कि यह मामला स्पष्ट रूप से घरेलू प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
डीसीपी ने स्पष्ट किया कि:
“श्रावंती के पति प्रवीण के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। जांच का मुख्य केंद्र उन परिस्थितियों का पता लगाना है, जिन्होंने एक मां को अपने ही बच्चों की जान लेने और खुदकुशी करने जैसा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर किया।”
समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी
यह घटना हमारे समाज में गहरे तक पैठ बना चुकी पितृसत्तात्मक सोच और घरेलू हिंसा की समस्या को उजागर करती है। दूसरी शादी और उसके बाद होने वाले मानसिक उत्पीड़न ने न केवल एक महिला का घर उजाड़ा, बल्कि दो मासूमों का भविष्य भी खत्म कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल कानूनी कार्रवाई काफी नहीं है, बल्कि घरेलू विवादों में महिलाओं को उचित मानसिक स्वास्थ्य सहायता और कानूनी सुरक्षा मिलना अनिवार्य है।
मुख्य तथ्य: एक नज़र में
- घटना स्थल: कुकटपल्ली, हैदराबाद।
- मृतक: श्रावंती (29), कार्तिक (12), कौशिक (10)।
- मुख्य आरोपी: पति बोडा प्रवीण (दूसरी शादी और उत्पीड़न का आरोप)।
- पुलिस कार्रवाई: धारा 108 BNS के तहत केस दर्ज।
- विवाद की जड़: पति की दूसरी शादी और लगातार होने वाले झगड़े।
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या ‘समझौता’ करना हमेशा सही होता है? यदि श्रावंती को उसके मायके में ही रहने दिया जाता, तो शायद आज तीन जानें बच सकती थीं।










