हरिद्वार। देहरादून-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर रविवार की रात एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने देखने वालों की रूह कंपा दी। मोतीचूर फ्लाईओवर पर तेज रफ्तार का कहर इस कदर बरपा कि चार वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते उत्तराखंड रोडवेज की बस समेत कई वाहनों ने आग का गोला रूप ले लिया। इस भीषण अग्निकांड और हादसे में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 15 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
रफ्तार का कहर और धमाके से दहला हाईवे
जानकारी के अनुसार, यह हृदय विदारक घटना रविवार (8 मार्च) की रात को घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फ्लाईओवर पर वाहनों की गति काफी तेज थी। अचानक एक ट्रक, एक डंपर, एक एसयूवी कार और उत्तराखंड रोडवेज की बस के बीच आपस में भीषण टक्कर हो गई। टक्कर लगते ही एसयूवी कार का सीएनजी सिलेंडर फट गया, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में उत्तराखंड परिवहन निगम की बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी जाम बनी बाधा
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें हरकत में आईं। हरिद्वार के मुख्य अग्निश्मन अधिकारी (CFO) वंश बहादुर यादव ने बताया कि मायापुर फायर स्टेशन से तुरंत तीन गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी बाधा फ्लाईओवर के दोनों ओर लगा करीब 9 किलोमीटर लंबा जाम रहा।
सड़क पर वाहनों की कतारों के कारण रायवाला से आने वाली दमकल की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच सकीं, लेकिन हरिद्वार से पहुंची टीम ने मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मौके पर करीब 15 एम्बुलेंस तैनात की गई थीं, जिनकी मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
हताहतों का विवरण: एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
पुलिस प्रशासन ने इस हादसे में उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी एक महिला की मौत की पुष्टि की है। मृतक महिला की पहचान कुसुम (30 वर्ष), पत्नी सचिन, निवासी भोगपुर नजीबाबाद के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि पीड़ित लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर देहरादून के झंडा मेला से दर्शन कर वापस अपने घर बिजनौर लौट रहे थे। घायलों में मासूम बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं।
घायलों की सूची:
हादसे में घायल हुए 15 लोगों को 108 एम्बुलेंस के माध्यम से हरिद्वार के हरमिलाप अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- कासिफ (23 वर्ष, ट्राला चालक) – शामली
- सुभाष (40 वर्ष), विक्की (28 वर्ष), आरव (06 वर्ष) – बिजनौर
- नीतू (35 वर्ष), लवी (19 वर्ष) – नजीबाबाद
- सोनिया (12 वर्ष), अंशिका (06 वर्ष), दिव्यांशु (08 वर्ष) – (मृतक कुसुम के बच्चे)
- अनमोल, सोनाक्षी, हर्ष, वंशिका, सिमरन और गुलशन (सभी निवासी बिजनौर)
प्रशासन की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
घटना के बाद हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया था, जिसे पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर सुचारू कराया। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर ओवरटेकिंग और तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
अस्पताल में भर्ती घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी घटना का संज्ञान लिया है और स्थानीय प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
निष्कर्ष: यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा नियमों और तेज रफ्तार की अनदेखी पर सवाल खड़े करता है। एक हंसता-खेलता परिवार, जो श्रद्धा के साथ मेले से लौट रहा था, रास्ते में ही सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर हादसे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
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