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हरिद्वार में करवट लेता मौसम: अगले 48 घंटों में हल्की बारिश और बादलों का डेरा, किसानों के लिए जारी हुई विशेष एडवाइजरी

On: March 27, 2026 4:55 PM
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Haridwar Weather Update Rain and Cloudy Sky Forecast 2026 Poster

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में मौसम के मिजाज में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। चिलचिलाती धूप और बढ़ती गर्मी के बीच शुक्रवार को हुए अचानक बदलाव ने जहां आमजन को राहत दी है, वहीं मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए विशेष पूर्वानुमान जारी किया है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की के विशेषज्ञों के अनुसार, जिले में आने वाले एक-दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम वर्षा होने की प्रबल संभावना है।

शुक्रवार को दिनभर चला ‘धूप-छांव’ का खेल

शुक्रवार की सुबह से ही हरिद्वार के आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई थी। सुबह के वक्त शहर के कई हिस्सों में रुक-रुककर रिमझिम बारिश हुई, जिसने मौसम को खुशनुमा बना दिया। हालांकि, यह वर्षा कुछ ही मिनटों तक सीमित रही, लेकिन इसके बाद पूरे दिन धूप और छांव की आंखमिचौनी चलती रही। बादलों के डेरे की वजह से उमस भरी गर्मी से लोगों को खासी राहत मिली है।

तापमान में दर्ज की गई गिरावट

मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर तापमान पर देखने को मिला है। गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को पारे में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

  • अधिकतम तापमान: 33.5 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 30.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया, जो सामान्य से लगभग 1.2 डिग्री सेल्सियस कम है।
  • न्यूनतम तापमान: जिले का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। ठंडी हवाओं और बादलों की मौजूदगी के कारण शाम के समय मौसम में हल्की सिहरन भी महसूस की गई।

किसानों के लिए विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण सलाह

IIT रुड़की के जल संसाधन विकास एवं प्रबंधन विभाग द्वारा संचालित ‘ग्रामीण कृषि मौसम सेवा परियोजना’ के विशेषज्ञों ने इस बदलते मौसम को देखते हुए किसानों के लिए एक विस्तृत चेतावनी (Advisory) जारी की है। वर्तमान समय में फसलों की कटाई और तैयारी का दौर चल रहा है, ऐसे में अचानक बारिश फसलों को नुकसान पहुँचा सकती है।

परियोजना से जुड़े कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:

  • सिंचाई से बचें: अगले दो दिनों तक खेतों में पानी न लगाएं, क्योंकि बारिश की संभावना बनी हुई है।
  • कटाई और थ्रेशिंग रोकें: कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और थ्रेशिंग के कार्य को मौसम साफ होने तक टाल दें।
  • कीटनाशकों का छिड़काव न करें: हल्की बारिश रसायनों को धो सकती है, जिससे छिड़काव का प्रभाव समाप्त हो जाएगा और मेहनत व लागत बेकार जाएगी।

आगामी 48 घंटों का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते हिमालयी क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी बादलों का प्रभाव बना रहेगा। हरिद्वार में अगले 48 घंटों के दौरान आंशिक बादल छाए रहने और हल्की बौछारें पड़ने का अनुमान है। हालांकि, भारी बारिश की संभावना कम है, लेकिन तेज हवाओं के साथ होने वाली बूंदाबांदी तापमान को नियंत्रित रखेगी।

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निष्कर्ष

हरिद्वार में बदला यह मौसम पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए तो सुकून भरा है, लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए यह थोड़ी सावधानी बरतने का समय है। यदि आप भी अगले दो दिनों में गंगा स्नान या हरिद्वार यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अपने साथ छाता या रेनकोट जरूर रखें।

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