मसूरी: उत्तराखंड की पहाड़ियों की रानी कही जाने वाली मसूरी में रविवार की शाम उस समय अखाड़ा बन गई, जब माल रोड बैरियर पर दिल्ली से आए एक पर्यटक और स्थानीय लोगों के बीच तीखी झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि सड़क पर सरेआम लात-घूंसे और चप्पलें चलने लगीं। इस हंगामे के कारण माल रोड के प्रवेश द्वार पर घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
नियमों की अनदेखी बनी विवाद की जड़
घटना की शुरुआत रविवार देर शाम हुई, जब दिल्ली नंबर की एक कार में सवार पर्यटक अपने परिवार (पत्नी और बच्चों) के साथ माल रोड बैरियर पर पहुंचा। गौरतलब है कि मसूरी के माल रोड पर शाम के समय वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहता है ताकि पैदल चलने वाले पर्यटक शांति से घूम सकें। बैरियर पर तैनात कर्मचारियों ने जब पर्यटक को नियम का हवाला देते हुए गाड़ी अंदर ले जाने से रोका और पार्किंग में खड़ी करने की सलाह दी, तो पर्यटक आपा खो बैठा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पर्यटक अपनी जिद पर अड़ा रहा कि वह गाड़ी अंदर ही लेकर जाएगा। विवाद बढ़ने पर उसने अपनी कार बैरियर के ठीक सामने तिरछी खड़ी कर दी, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। बताया जा रहा है कि वह पर्यटक करीब साढ़े पांच घंटे तक वहीं डटा रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर जाम की स्थिति भयावह हो गई।
बीच सड़क पर संग्राम: चप्पल और लात-घूंसों की बरसात
देर शाम जब जाम के कारण स्थानीय लोगों का सब्र जवाब दे गया, तो एक स्थानीय दंपति ने पर्यटक से गाड़ी हटाने का अनुरोध किया। यह सामान्य अनुरोध देखते ही देखते गाली-गलौज में बदल गया। आरोप है कि दिल्ली से आए पर्यटक और उसकी पत्नी ने कार से उतरकर स्थानीय व्यक्ति पर चप्पलों से हमला कर दिया।
इसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई हुई। पुरुष एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसा रहे थे, तो वहीं दूसरी ओर दोनों महिलाओं के बीच भी जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई। सड़क पर हो रहे इस “हाई वोल्टेज ड्रामे” को देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
पुलिस की मशक्कत और कोतवाली में हंगामा
सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों को दोनों पक्षों को अलग करने और शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस दोनों दंपत्तियों को हिरासत में लेकर मसूरी कोतवाली ले गई।
कोतवाली पहुंचने के बाद भी हंगामा शांत नहीं हुआ। देर रात तक दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की जिद पर अड़े रहे। पुलिस ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और मौके पर मौजूद सीसीटीवी फुटेज व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए।
पुलिस का बयान और सख्त कार्रवाई के संकेत
मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने मीडिया को बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि पर्यटक ने प्रतिबंधित समय में माल रोड के नियमों का उल्लंघन किया और सार्वजनिक स्थान पर बाधा उत्पन्न की। नियमों को तोड़ना और कानून व्यवस्था को हाथ में लेना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में पब्लिक न्यूसेंस (सार्वजनिक उपद्रव) फैलाने और शांति भंग करने की धाराओं के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।”
स्थानीय लोगों में आक्रोश: पर्यटन सीजन में सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद मसूरी के स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में भारी रोष है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन सीजन के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले कुछ पर्यटक अक्सर स्थानीय नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि:
- माल रोड बैरियर पर पुलिस की तैनाती बढ़ाई जाए।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का मौके पर ही भारी चालान काटा जाए या उन्हें सीज किया जाए।
- पर्यटकों के लिए ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने वाले बोर्ड स्पष्ट भाषा में लगाए जाएं।
निष्कर्ष
मसूरी जैसे शांत पर्यटन स्थल पर इस तरह की हिंसक घटनाएं न केवल देवभूमि की छवि खराब करती हैं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लगाती हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह आने वाले पीक सीजन को देखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।








