चमोली (उत्तराखंड): देवभूमि के शांत कहे जाने वाले चमोली जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ देवाल ब्लॉक के ओडर गांव में एक व्यक्ति ने घरेलू विवाद के चलते अपने ही परिवार को खत्म करने की कोशिश की और अंत में खुद भी मौत को गले लगा लिया। आरोपी गजेंद्र सिंह ने शनिवार को अपनी पत्नी और मासूम बेटे पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया और फिर घर से कुछ दूरी पर जाकर फांसी लगा ली।
सुबह के सन्नाटे को चीरती चीखें
शनिवार की सुबह ओडर गांव के अन्य दिनों की तरह सामान्य थी, लेकिन गजेंद्र सिंह के घर के भीतर कुछ और ही पक रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, अचानक गजेंद्र सिंह के घर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आने लगीं। इससे पहले कि पड़ोसी कुछ समझ पाते, गजेंद्र सिंह अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी और बेटे मयंक पर खुकरी (धारदार हथियार) से ताबड़तोड़ प्रहार कर चुका था।
गंभीर रूप से लहूलुहान मां-बेटे की चीखें सुनकर जब ग्रामीण उनके घर की ओर दौड़े, तो मंजर देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। फर्श खून से सना हुआ था और दोनों घायल तड़प रहे थे। ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख आरोपी गजेंद्र सिंह मौके से फरार हो गया।
नाजुक हालत में श्रीनगर रेफर
ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी और घायलों को स्थानीय अस्पताल पहुँचाया। स्थानीय डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि लक्ष्मी देवी और मयंक के शरीर पर गहरे घाव हैं और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। बेहतर इलाज और विशेषज्ञों की निगरानी के लिए दोनों को तत्काल बेस अस्पताल, श्रीनगर के लिए रेफर कर दिया गया है। फिलहाल दोनों वहां जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
गांव के पास पेड़ से लटका मिला शव
एक तरफ पुलिस और ग्रामीण घायलों को अस्पताल पहुँचाने में जुटे थे, वहीं दूसरी तरफ फरार गजेंद्र सिंह की तलाश जारी थी। हमले के कुछ ही घंटों बाद गांव में तब सनसनी फैल गई, जब ग्रामीणों ने घर से करीब 500 मीटर दूर जंगल की ओर एक पेड़ पर गजेंद्र का शव लटका हुआ देखा।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर शव को फंदे से उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं की गई है।
दहशत और सन्नाटे में ओडर गांव
इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे देवाल क्षेत्र में मातम छाया हुआ है। गांव के लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि गजेंद्र ऐसा कदम उठा सकता है। गांव में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों के भीतर दुबके हुए हैं। स्थानीय निवासी इसे गांव के इतिहास की सबसे काली घटनाओं में से एक मान रहे हैं।
पुलिस जांच के मुख्य बिंदु
चमोली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है:
- विवाद की वजह: क्या पति-पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी?
- मानसिक स्थिति: क्या आरोपी गजेंद्र किसी मानसिक तनाव या बीमारी से गुजर रहा था?
- तात्कालिक कारण: क्या शनिवार सुबह कोई ऐसी घटना हुई जिसने उसे इस कदर उग्र कर दिया?
पुलिस अधीक्षक (SP) चमोली के कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, “प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक कलह का लग रहा है। आरोपी ने खुदकुशी कर ली है, जबकि घायलों का उपचार चल रहा है। हम उनके होश में आने का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनके बयान दर्ज किए जा सकें और घटना की असल वजह सामने आ सके।”
समाज के लिए एक चेतावनी
यह घटना उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और घरेलू हिंसा की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक तंगी या आपसी संवाद की कमी अक्सर ऐसे हिंसक मोड़ ले लेती है।
सम्पादकीय टिप्पणी: अगर आप या आपके जान पहचान में कोई भी व्यक्ति मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया मदद मांगें। आप किसी भी विश्वसनीय हेल्पलाइन या विशेषज्ञ से बात कर सकते हैं। आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है।







