देहरादून: उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और शुष्क मौसम से अब राहत मिलने की उम्मीद है। मार्च के पहले पखवाड़े में ही जिस तरह से पारा रिकॉर्ड तोड़ रहा था, उस पर अब बादलों का पहरा लगने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने राज्य में मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव की भविष्यवाणी की है। विभाग के अनुसार, आज से अगले तीन दिनों तक राज्य के पर्वतीय जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी चलने की संभावना है।
मार्च में ही ‘मई’ जैसी तपिश, सामान्य से 5 डिग्री ऊपर पहुंचा पारा
पिछले एक हफ्ते से उत्तराखंड के मैदानी और तराई वाले इलाकों में चटख धूप ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। शुक्रवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 32.0°C रहा, जो मार्च के शुरुआती दिनों के लिहाज से काफी ज्यादा है। न केवल दिन, बल्कि न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी होने से रातों में भी अब हल्की गर्मी महसूस होने लगी है
पांच पर्वतीय जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी करते हुए ‘येलो अलर्ट’ दिया गया है।
कहाँ होगी कैसी बारिश?
- भारी वर्षा की संभावना: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गर्जना हो सकती है।
- हल्की बूंदाबांदी: देहरादून, टिहरी और अल्मोड़ा के कुछ इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बहुत हल्की वर्षा हो सकती है।
- शुष्क क्षेत्र: राज्य के शेष मैदानी जनपदों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, लेकिन बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
चारधाम रूट पर यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह
मौसम के इस बदलते मिजाज को देखते हुए ऊंची पहाड़ियों पर जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। अचानक चलने वाली तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की गई है। रविवार को प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है, जिससे पूरे उत्तराखंड के तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
प्रमुख शहरों का तापमान एक नज़र में:
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| देहरादून | 32.0 | 16.7 |
| ऊधमसिंह नगर | 32.4 | 13.0 |
| मुक्तेश्वर | 23.1 | 9.3 |
| नई टिहरी | 21.6 | 9.8 |
खेती और बागवानी पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि मार्च के महीने में हो रही यह बारिश शुष्क ठंड और धूल भरी गर्मी से राहत तो देगी, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बागवानी (विशेषकर सेब और आड़ू के बागानों) को नुकसान पहुँच सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि यदि संभव हो तो कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रख लें।
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निष्कर्ष
उत्तराखंड में ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’ (पश्चिमी विक्षोभ) की सक्रियता के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। अगले 72 घंटे राज्य के पारिस्थितिक तंत्र और तापमान को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यदि आप इस सप्ताहांत पहाड़ों की सैर का मन बना रहे हैं, तो रेनकोट और गर्म कपड़े साथ रखना न भूलें।
अंततः, उत्तराखंड के पारिस्थितिक तंत्र के लिए यह पश्चिमी विक्षोभ काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मार्च के महीने में पारे का इस कदर बढ़ना जंगलों की आग (Forest Fire) की घटनाओं को भी न्योता देता है, ऐसे में यह संभावित बारिश वनों की नमी बरकरार रखने में सहायक सिद्ध होगी। अगले तीन दिन उत्तराखंड के लिए मौसम के लिहाज़ से काफी उतार-चढ़ाव वाले रहने वाले हैं। यदि आप इस सप्ताहांत पहाड़ों की सैर का मन बना रहे हैं, तो बदलती परिस्थितियों को देखते हुए अपने साथ रेनकोट और पर्याप्त गर्म कपड़े जरूर रखें, क्योंकि पहाड़ों का मिजाज पल भर में बदल सकता है।










