देहरादून/चमोली: देवभूमि उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट बदल ली है। पिछले कुछ दिनों की गुनगुनी धूप के बाद अब पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया है। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम और सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है, जिससे पूरी घाटी में कड़ाके की ठंड लौट आई है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटों के लिए सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।
ऊँचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात, निचले इलाकों में ओलावृष्टि
रविवार को चमोली जनपद सहित राज्य के कई पर्वतीय जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ और नीती-माणा घाटी में दोपहर के बाद भारी बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं, निचले व्यापारिक केंद्रों जैसे गोपेश्वर, जोशीमठ (ज्योतिर्मठ) और पीपलकोटी में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। गोपेश्वर नगर क्षेत्र में कुछ देर के लिए ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हुई, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अचानक हुई इस बारिश और ठंड के कारण लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं।
बदरीनाथ हाईवे पर प्रकृति का कहर: बाल-बाल बचे विधायक और यात्री
बदलता मौसम अपने साथ मुश्किलें भी लेकर आया है। रविवार शाम करीब 4 बजे बिरही के पास आए भीषण आंधी-तूफान के कारण बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर चीड़ के दो विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर गिर गए। इस घटना के कारण हाईवे पर लंबा जाम लग गया और घंटों तक वाहनों की आवाजाही ठप रही।
संयोगवश, निजमुला घाटी के भ्रमण से लौट रहे बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला भी इस जाम में फंस गए। राहत की बात यह रही कि जब पेड़ गिरे, उस समय वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, अन्यथा एक बड़ी जनहानि हो सकती थी। स्थिति को देखते हुए विधायक बुटोला ने खुद स्थानीय लोगों और यात्रियों के साथ मिलकर पेड़ की टहनियों को हटाने में हाथ बंटाया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान: इन 5 जिलों के लिए चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तराखंड के पांच जिलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
- प्रभावित जिले: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़।
- ऊंचाई वाले क्षेत्र: 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना है।
- तापमान का हाल: राजधानी देहरादून में अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 12.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है, लेकिन पहाड़ों में हो रही बर्फबारी का असर जल्द ही मैदानी इलाकों की रातों पर भी दिखेगा।
आने वाले दिनों का हाल: कब मिलेगी राहत?
[ ] मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, 24 फरवरी तक पहाड़ों में रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। हालांकि, राहत की खबर यह है कि 25 फरवरी से 28 फरवरी के बीच प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है। इस दौरान धूप खिलेगी और तापमान में फिर से बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
यात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए सलाह
प्रशासन ने चमोली और रुद्रप्रयाग जाने वाले यात्रियों को सलाह दी है कि वे मौसम की अपडेट लेकर ही अपनी यात्रा शुरू करें। आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न हों और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन व पेड़ गिरने के खतरों के प्रति सजग रहें।
संपादन
नोट: यह रिपोर्ट स्थानीय इनपुट और मौसम विभाग के आंकड़ों पर आधारित है। ताजा अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।







