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वाराणसी बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने सीमांत विकास और रणनीतिक मुद्दों पर केंद्र से मांगा सहयोग

On: June 24, 2025 11:57 AM
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देहरादून/वाराणसी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में राज्य की रणनीतिक और विकासात्मक प्राथमिकताओं को मुखरता से रखा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रीगण सहित अन्य वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे।

सीमावर्ती इलाकों के लिए विशेष योजनाएं मांगीं

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति इसे सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, संचार, सुरक्षा और आपूर्ति से जुड़ी संरचनाओं को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने सीमा सड़क संगठन (BRO) के माध्यम से राज्य को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

मुख्यमंत्री ने “वाइब्रेंट विलेज” कार्यक्रम के अंतर्गत सीमावर्ती गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव रखा, ताकि पलायन की समस्या को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने भारत नेट, 4G विस्तार और सैटेलाइट संचार जैसी योजनाओं को सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने का भी आग्रह किया।

नीतिगत छूट और योजनागत सहायता की मांग

धामी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले केंद्रीय अनुदान को एकमुश्त देने का अनुरोध किया। साथ ही, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के सुचारू क्रियान्वयन हेतु अतिरिक्त वित्तीय सहयोग की बात भी रखी। उन्होंने राज्य में ग्लेशियर अध्ययन केंद्र की स्थापना तथा जैव विविधता संरक्षण संस्थान के लिए तकनीकी सहयोग की अपील की।

पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक आयोजनों पर केंद्रित सहयोग

राज्य में साहसिक पर्यटन की अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर का साहसिक खेल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने वर्ष 2026 में प्रस्तावित नंदा राजजात यात्रा और 2027 के कुंभ मेले के सफल आयोजन हेतु केंद्र से आवश्यक सहयोग मांगा।

आर्थिक चुनौतियों के बीच उत्तराखंड की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की लगभग 80 प्रतिशत भूमि पर्वतीय है और 71 प्रतिशत क्षेत्र वनाच्छादित है, जिससे विकास कार्यों में चुनौतियां हैं। बावजूद इसके, राज्य की अर्थव्यवस्था ने बीते वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2023-24 में नीति आयोग की एसडीजी रैंकिंग में उत्तराखंड ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि वित्तीय प्रबंधन और सुशासन में केयर एज रेटिंग में छोटे राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान पाया।

कानून, रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में ठोस कदम

धामी ने बताया कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण और दंगों पर नियंत्रण के लिए ठोस कानून बनाकर उत्तराखंड को सुरक्षित और संगठित राज्य के रूप में स्थापित किया है। “वोकल फॉर लोकल” के मंत्र के साथ, राज्य में तीन लाख से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।

योग, आयुष और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा

राज्य को आयुष और वेलनेस हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य हो रहा है। भारत की पहली “योग नीति” की शुरुआत यहीं से की गई है। साथ ही, दो स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे योग, आयुर्वेद और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्र के सहयोग से संभव हुए विकास कार्य

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यक्रमों में केंद्र की भागीदारी सराहनीय रही है। उन्होंने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठकें राज्य और केंद्र के बीच समन्वय को मजबूत बनाती हैं।

अंत में राष्ट्रीय एकता और आत्मनिर्भरता पर बल

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भारत आज आंतरिक सुरक्षा, सहकारिता और क्षेत्रीय समन्वय के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति कर रहा है। देश आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है और उत्तराखंड भी इस यात्रा में अपना सशक्त योगदान दे रहा है।

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