उत्तराखंड सरकार अब युवाओं के कौशल विकास को लेकर बड़ी पहल करने जा रही है। स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर एंपावरिंग एंड ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड (सेतु) आयोग की अगुवाई में राज्य सरकार देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक समूहों के साथ कई अहम समझौते करने जा रही है। इसके तहत होटल उद्योग में अग्रणी ताज समूह कुमाऊं विश्वविद्यालय में एक विशेष कौशल विकास केंद्र स्थापित करेगा, जहां आतिथ्य क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के बाद 70 प्रतिशत युवाओं को ताज समूह में ही रोजगार भी मिलेगा।
इसके अलावा महिंद्रा, टाटा और हीरो जैसे बड़े ऑटोमोबाइल समूह आईटीआई के छात्रों को अपनी औद्योगिक इकाइयों में व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के लिए तैयार हैं। इस कदम का उद्देश्य छात्रों को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रखना, बल्कि उन्हें व्यावहारिक ज्ञान देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है। यह कार्यक्रम उन छात्रों के लिए होगा जिन्होंने आईटीआई का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। प्रशिक्षण के साथ-साथ छात्रों को स्टाइपेंड भी मिलेगा, जिसकी राशि एमओयू के बाद तय की जाएगी।
टाटा मोटर्स से समझौता लगभग तय हो चुका है, जबकि महिंद्रा और हीरो मोटर्स से भी सहमति प्राप्त हो गई है। यह पहल भविष्य में और बड़े स्तर पर फैल सकती है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के युवाओं को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक दक्षता से लैस किया जाए ताकि उन्हें न सिर्फ स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
सेतु आयोग के अनुसार, दक्ष श्रमिकों की हमेशा से मांग रही है और यदि राज्य के युवाओं को आधुनिक संसाधनों और तकनीकी प्रशिक्षण के साथ जोड़ा जाए तो वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं। यह सहयोग राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को भी नया आयाम देगा और युवाओं को नौकरी की चिंता से मुक्त कर आत्मविश्वास से भर देगा।
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