उत्तराखंड सरकार ने उपनल कर्मचारियों के लिए एक अहम निर्णय लिया है। राज्य में अब जिन उपनल कर्मचारियों की सेवा अवधि 12 साल पूरी हो चुकी है, उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन देने की तैयारी कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने स्वयं कर्मचारियों को यह भरोसा दिलाया है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वेतन अब उपनल के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे संबंधित विभाग द्वारा प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही 12 फरवरी से पहले भर्ती किए गए अन्य कर्मचारियों को भी समान कार्य के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है और लंबे समय से चली आ रही असमान वेतन व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। कर्मचारियों का कहना है कि इस फैसले से न सिर्फ आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि कार्यस्थल पर मनोबल भी ऊंचा होगा।
सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में आधिकारिक आदेश किसी भी समय जारी किया जा सकता है। सरकार का यह कदम राज्य के संविदा एवं उपनल कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।